तेज रफ्तार का कहर: पिपराइच में स्कूटी की टक्कर से दो वरिष्ठ नागरिक गंभीर घायल,

 

‘पापा की परियां’ नहीं, अब बेलगाम रईसजादों का सड़क पर आतंक; ओवरस्पीडिंग से बढ़ रहे हादसे, कार्रवाई की मांग तेज

पिपराइच/गोरखपुर। जिले में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सड़क पर बेलगाम गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति आम लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। ताजा मामला रविवार शाम करीब 5 बजे गोरखपुर-कप्तानगंज मार्ग पर पिपराइच थाना क्षेत्र के पतरा गांव के समीप सामने आया, जहां पीछे से तेज रफ्तार स्कूटी ने आगे चल रही मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल पर सवार दो वरिष्ठ नागरिक सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद स्कूटी सवार मौके से भागने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों युवकों को पकड़ लिया। लोगों ने उनके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की फोटो लेकर घायलों के समुचित इलाज की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें गोरखपुर स्थित एस.जी.पी. फ्रैक्चर क्लिनिक में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार घायल संजीव त्रिपाठी (54 वर्ष), निवासी ग्राम मुजहना तिवारी, थाना अहिरौली तथा अखिलेश्वर त्रिपाठी (63 वर्ष) के हाथ और पैर में फ्रैक्चर पाया गया है। दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और चिकित्सकों ने ऑपरेशन की आवश्यकता भी जताई है। समाचार लिखे जाने तक दोनों का इलाज जारी था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूटी चालक की पहचान भोला निषाद, निवासी ग्राम पतरा, के रूप में हुई है। अब लोगों की निगाहें पिपराइच पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आरोपित के खिलाफ किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाती है और पीड़ितों को न्याय मिल पाता है या नहीं।
यह घटना एक बार फिर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बेलगाम रफ्तार के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। प्रमुख सड़कों से लेकर कॉलोनियों तक तेज रफ्तार कार और बाइक चालक यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। सबसे अधिक खतरा पैदल राहगीरों, बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों को झेलना पड़ रहा है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और यातायात विभाग समय-समय पर अभियान चलाने का दावा तो करता है, लेकिन ओवरस्पीडिंग, स्टंटबाजी और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। लोगों ने मांग की है कि शहर और प्रमुख मार्गों पर स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, नियमित वाहन जांच अभियान और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और तेज रफ्तार के इस बढ़ते आतंक पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके।

4
3
1
5
6
7
2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *