कैदी फरारी कांड में प्रशासन सख्त, मजिस्ट्रेटी जांच से तय होगी जिम्मेदारी

 

जेल की सुरक्षा, कर्मचारियों की भूमिका और फरारी के पूरे घटनाक्रम की होगी गहन जांच

गोरखपुर। जिला कारागार से दुष्कर्म के आरोपी के फरार होने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी है। इस जांच का उद्देश्य केवल फरारी की परिस्थितियों का पता लगाना ही नहीं, बल्कि यह भी तय करना है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई या नहीं और यदि हुई तो उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
31 जुलाई को सुबह करीब 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच आरोपी के फरार होने की सूचना मिलने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर यह पता लगाएंगे कि फरारी की घटना किन परिस्थितियों में हुई। जिस स्थान से आरोपी के भागने की आशंका जताई जा रही है, वहां लगभग 24 फीट ऊंची जेल की दीवार और उसके निकट स्थित पीपल के पेड़ की भी तकनीकी दृष्टि से जांच की जाएगी। साथ ही यह भी परखा जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
जांच के दौरान जेल की निगरानी व्यवस्था, ड्यूटी रजिस्टर, सुरक्षा तैनाती, गश्त व्यवस्था और अन्य अभिलेखों का भी परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो उनके विरुद्ध विभागीय और विधिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

4
3
1
5
6
7
2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *