आज अक्षय तृतीया है इसलिए ये खास है

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
20/04/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – आज बैसाख शुक्ल तृतीया यानि अक्षय तृतीया है।

इसे जौ का सातु और सर्बद खाकर मनाया जाता है। अक्षय तृतीया को भीषण गर्मी के दौरान शीतल भोजन के रूप में जौ का सातु और सर्बद का पानी पीकर मनाया जाता है।

पंचांग अधिकारी समिति के अनुसार त्रेता युग का प्रारंभ बैसाख शुक्ल तृतीया के दिन से हुआ था।

इसी दिन 8 चिरंजीवियों में से एक परशुराम अवतार का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को परशुराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

इसी दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन किए गए स्नान, दान और शुभ कार्यों को विशेष महत्व से देखा जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशि में होते हैं। इसलिए इस दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

शास्त्रों के अनुसार यह दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त है। ऐसा माना जाता है कि यह दिन विवाह, गृहप्रवेश, पदभार ग्रहण करना, सोना खरीदना, नया सामान खरीदना, वाहन खरीदना, भूमि पूजन और नए व्यवसाय के लिए सर्वोत्तम है।

मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन किए गए दान-धर्म से अक्षय यानि कभी नष्ट न होने वाला फल या पुण्य प्राप्त होता है।

अत: यह तिथि धनधर्मा के लिए अचूक काल मानी जाती है।

शास्त्रों के अनुसार बैसाख माह को विष्णु का माह भी माना जाता है और यह माह विष्णु भक्ति के लिए उत्तम है।

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