राजस्थान की धरती अब भारत की वायु शक्ति का सबसे बड़ा फॉरवर्ड सेंटर बनने जा रही है!

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
13/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी सेक्टर में अपनी ताकत कई गुना बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

राजस्थान के नाल और फलौदी एयरबेस पर स्वदेशी तेजस एमके1ए लड़ाकू विमानों की पहली चार स्क्वाड्रन तैनात करने की तैयारी चल रही है।

यह कदम सिर्फ पुराने मिग-21 बाइसन को बदलने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे भविष्य के हाई-टेक युद्धों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, बीकानेर में नाल एयरफोर्स स्टेशन तेजस एमके1ए का मुख्य ऑपरेशनल बेस बनेगा।

एयर चीफ मार्शल अमनप्रीत सिंह खुद इस एयरबेस का दौरा कर चुके हैं, जिसके बाद पहली और तीसरी स्क्वाड्रन तैनात करने का फैसला लिया गया।

तेजस एमके1ए सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं है बल्कि आजाद भारत की नई सैन्य पहचान बन गया है।

इसमें एईएसए रडार, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, एस्ट्रा बीवीआर मिसाइल, मिड-एयर रिफ्यूलिंग जैसी आधुनिक क्षमताएं शामिल हैं, जो इसे दुश्मन के खिलाफ त्वरित और घातक प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाती हैं।

नाल और फलौदी एयरबेस पर बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है।

कठोर विमान शेल्टर, आधुनिक रखरखाव हैंगर और हाई-टेक मिशन योजना केंद्र बनाए जा रहे हैं ताकि युद्ध जैसी स्थितियों में भी ऑपरेशन लगातार जारी रह सकें।

सीमा पर बढ़ते तनाव और युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए यह तैनाती भारत की ‘त्वरित प्रतिक्रिया वायु शक्ति’ को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है।

निकट भविष्य में राजस्थान का पश्चिमी क्षेत्र भारतीय वायुसेना का सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनल हब बन सकता है।

4
3
1
5
6
7
2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *