रूस की अपने नागरिकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन पर अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाने की चेतावनी

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
26/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – रूस ने बाल्टिक राज्यों में रूसी नागरिकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में जाने की धमकी दी है।

सुत्र के मुताबिक, रूस ने लातविया, लिथुआनिया और एस्टोनिया के साथ बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की।

लेकिन वो कोशिश नाकाम होने के बाद रूस ने कानूनी रास्ता चुनने का फैसला किया।

रूसी विदेश मंत्रालय ने समाचार पत्र “इज़वेस्टिया” को इसकी जानकारी दी।

रूसी विदेश मंत्रालय ने रूसी समुदाय के प्रति बाल्टिक देशों के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हमने बार-बार लातविया, लिथुआनिया और एस्टोनिया से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गलतियों को सुधारने के लिए कहा है।

लेकिन उन देशों के अधिकारियों ने अपनी अवैध नीतियों को रोकने से इनकार कर दिया। बातचीत के माध्यम से मतभेदों को हल करने के हमारे सभी प्रयास विफल रहे हैं।

इसलिए अब हमें अपने दावों को संयुक्त राष्ट्र के मुख्य न्यायिक निकाय के पास ले जाना होगा।”

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह बाल्टिक देशों में रूसी भाषी आबादी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के दमन पर संयुक्त राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करने के लिए काम कर रहा है।

रूस का आरोप है कि वह “रूसी प्रचार” का मुकाबला करने के बहाने लातविया के सूचना क्षेत्र से असहमति की आवाज़ों को हटा रहा है।

इसी तरह, रूसी विदेश मंत्रालय ने उल्लेख किया है कि एस्टोनिया ने अपने संविधान में एस्टोनियाई मूल के लोगों को प्राथमिकता दी है।

इसके चलते रूस का मानना है कि वहां अल्पसंख्यक रूसी नागरिकों के अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।

4
3
1
5
6
7
2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *