तहसील में पहुंचे पीड़ित परिवार को एसडीएम ने हटाया, क्षेत्राधिकारी को जांच का आदेश अनशन करने पहुँचा पीड़ित परिवार

 

 

खजनी/गोरखपुर।खजनी थाना क्षेत्र के डोहरियां प्राणनाथ गांव के निवासी विंध्याचल निषाद की पैतृक जमीन को उनके भाई निठुरी की मौत के 46 वर्ष बाद एक महिला भानमती देवी को उनकी जीवित पत्नी बताकर निठुरी के हिस्से की जमीन वरासत कराने के बाद तीसरे दिन उस जमीन को जालसाजों ने रजिस्ट्री करा ली। विंध्याचल निषाद ने बताया कि 12 सितंबर 1979 को हत्या हो गई थी, तथा 20 अक्टूबर 1981 को उनकी पत्नी परभौती की भी मौत हो गई थी, दोनों की कोई संतान नहीं होने से उनके हक हिस्से की जमीन 30 मार्च 1993 को उनके नाम पर वरासत हो गई थी। इस बीच विंध्याचल निषाद कैंसर पीड़ित हुए तो उनका परिवार उनकी सेवा सुश्रुषा दवा इलाज में व्यस्त हो गया था। विंध्याचल निषाद ने इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की तब खजनी थाने में जालसाजों के खिलाफ केस संख्या
176/2026 में बीएनएस की धोखाधड़ी और जालसाजी 8 गंभीर धाराओं 191(2),319(2),318(4),338, 336(3),340(2),352 तथा 351(3) के तहत नामजद आरोपियों भानमती देवी, जगदंबा शुक्ल, सेराज अहमद, खालिद मुस्तफा, शिवरानी मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। किंतु मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई न होने पर आज विंध्याचल निषाद अपने परिवार के साथ शिकायत लेकर तहसील गेट पर शुक्रवार 12 जून को सबेरे 10 बजे अनशन पर बैठ गए, इस दौरान तहसील में पहुंचे एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह ने उन्हें परिवार के साथ अनशन पर बैठे देखकर वहां से हटा दिया तथा क्षेत्राधिकारी खजनी👆 को घटना की जांच के बाद कार्रवाई और निस्तारण कराने का आदेश दिया है। विंध्याचल निषाद ने बताया कि उनके 9 बेटे और एक बेटी हैं,बड़े भाई के हिस्से की जमीन उनके नाम पर वरासत हो गई थी लेकिन उनकी मौत के 46 वर्ष बाद एक महिला को उनकी पत्नी बताकर जमीन रजिस्ट्री करा ली गई। जालसाजी करने वाले प्रभावशाली लोग हैं प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। जालसाजों ने वर्ष 2011 में भी इसी तरह से जमीन हथियाने का प्रयास किया था, तब उन्हें इसकी जानकारी हो गई थी तो उन्होंने तहसील में अपने पक्ष में साक्ष्य पेश किया था और वर्ष 2016 में जालसाजों का प्रयास विफल हो गया था तथा उन्हें अपनी जमीन वापस मिल गई थी।

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