पुलिस अधीक्षक,तीन बार जिलाधिकारी,तीन बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी बुजुर्ग महिला को नहीं मिला न्याय

 

रायबरेली जिलाधिकारी के पास तीन बार बुजुर्ग महिला से डलमऊ के राजस्व विभाग की शिकायत दर्ज करवाने और हर बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी अभी तक न्याय नहीं मिला। नतीजा यह है कि आज भी बुजुर्ग महिला न्याय के लिए भटक रही है और अपने आलाधिकारियों के आदेशों को न मानने वाले विभाग की मनमानी के कारण के कारण जहां खेती किसानी का समय चालू हो गया है वहां उसके खेत खाली पड़े हुए हैं।पीड़िता का कहना है कि गरीबी में पैसे वालों और बाहुबल से निपट पाना आज भी असंभव हो गया है। क्योंकि कहने भर को गरीबों को सुनने के लिए अधिकारी बैठे रहते हैं लेकिन अधिकारी भी केवल उनके सुनते हैं जो उन्हें पैसों की खनक सुनता है । क्योंकि बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह राजस्व विभाग में दर्ज अपने खेत और नाली को लेकर यादव परिवार के लोगों ने उसे मां बहन और जाति सूचक गालियां देकर पीटा था। जिसकी शिकायत उसने पहली बार में जिलाधिकारी से दर्ज करवाई थी पुलिस ने रिपोर्ट में गाली गलौज की बात कबूल की परंतु जांच में जातिसूचक शब्दों की धाराओं को रिपोर्ट में नहीं दर्ज की। बल्कि पूरे मामले की एनसीआर दर्ज कर रखी है। इसके बाद महिला ने मारपीट के मामले को भगवान भरोसे छोड़कर केवल अपने खेत और विवादित नाली की नाप करवाने की फरियाद लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची जहां यह भी शिकायत जिलाधिकारी और उसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज की गई। परंतु विभाग ने एक बार फिर मनमानी रिपोर्ट लगा दी। बुजुर्ग महिला ने तीसरी बार फिर जाकर जिलाधिकारी से अपनी शिकायत दर्ज करवाई है कि ना तो उसकी पुलिस नहीं राजस्व विभाग की टीम उसकी ही जमीन को नाप कर नाली के विवाद का निपटारा नहीं कर पा रहा है । तो क्या यह समझा जाए कि आलाधिकारियों के पास शिकायत करने के बाद भी उनके अधीनस्थ कर्मचारी किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करते है। यहां तक की मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी गलत जानकारी देखकर जल्द से जल्द उसका निस्तारण कर अपने आप कर्मठ और शासन की मंशा के अनूरूप काम करने वाला कर्मचारी बताते हैं। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही निकाल कर आती है । मामला
गीता धोबी अनु0जाति पुत्री काली चरन निवासी ग्राम पूरे जनवारन मजरे कन्धरपुर थाना डलमऊ का है। जिसने गांव के ही शीतलदीन यादव पुत्र सन्तू
रज्जन यादव पुत्र शीतलदीन के विरुद्ध प्रार्थना पत्र थाने में पुलिस अधीक्षक और 3 बार जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पोर्टल सं0- 40015826013683, 2005826008070, 20015826009990 पर दर्ज कराने के बावजूद गलत आख्या लगाये जाने एवं आज भी दबंगो द्वारा पीड़िता की संक्रमणीय भूमि एवं जाति सूचक शब्दों के साथ गाली गलौज करने और पुलिस की निष्क्रियता की शिकायत दर्ज करवाई है। गीता धोबी का कहना है कि उसकी माँ को विपक्षियों ने 04.06.2026 को खेत में पानी लगाने के विवाद को लेकर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लात, डण्डों, घूँसों से मारा पीटा था जिसकी शिकायत प्रार्थना पत्र बाबत थाने में दिनांक 04.04.2026 को उसी दिन पुलिस अधीक्षक और कार्यवाही न होने पर अब तक तीन बार जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पोर्टल सं0- 40015826013683, 2215826008070, 20015826009990 पर क्रमशः दिनांक 06.04.2026 व 01.06.2026 तथा 12.06.2026 को जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के बावजूद गलत आख्या लगायी गयी । जिससे आज भी दबंगो द्वारा पीड़िता की संक्रमणीय भूमि अवैध कब्जा कायम कर रखा है जबकि जिलाधिकारी द्वारा उपजिलाधिकारी डलमऊ को निर्देशित भी किया गया था कि भूमि को उचित कार्यवाही करते हुए भू-स्वामित्व को दिलवाये जाए। पीड़िता को भी आश्वासन जिलाधिकारी कार्यालय से दिया था परन्तु अभी तक उपजिलाधिकारी डलमऊ, तहसीलदार डलमऊ द्वारा किसी प्रकार का नाप जोख सीमांकन या पैमाइश नही की गई । पीड़िता का कहना है कि धान की बोआई का समय आ रहा है और दबंगों के कारण एवं सरकारी आश्वसन के चलते उसने अभी तक खेत को बोआई से वंचित रखा है । जिससे आने वाले समय में उनके परिवार को भोजन पानी की भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा लेकिन जिले के आलाधिकारियों के आश्वासन के बाद भी अधीनस्थ अपने मनमानी करने पर लगेगी पीड़िता में अपने क्षेत्र नाली की नाप करवाया जाने की तत्काल प्रभाव से मांग की है।

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