अरुणाचल में चीनी सैनिकों के साथ झड़प का सबूत बताकर फैलाया जा रहा वीडियो फर्जी है, भारतीय सेना ने फैक्ट चेक कर बताई सच्चाई

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट

काठमाण्डौ,नेपाल – अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कथित झड़प की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है।

इसमें कुछ युवक घायल जवानों को ले जाते दिख रहे हैं।

दावा किया जा रहा है कि चीनी सैनिकों के साथ झड़प के बाद भारतीय सैनिक घायल हो गए हैं।

लेकिन इस वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है।

भारतीय सेना की तथ्य जांच इकाई ने लोगों को वीडियो के दुरुपयोग के बारे में सचेत किया है।

वीडियो की असली कहानी कुछ और है। ये फुटेज छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन कर्रेगुट्टा (ऑपरेशन करेगुट्टा) से जुड़ा है।

इस ऑपरेशन के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) में विस्फोट होने से सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

अब यही पुराना फुटेज भारत-चीन सीमा पर कथित झड़प के सिलसिले में शेयर किया जा रहा है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

भारतीय सेना की आधिकारिक तथ्य जांच इकाई ने 26 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर वीडियो की सच्चाई बताई और लोगों से सावधान रहने की अपील की।

यह कहना गलत है कि वीडियो अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ कथित झड़प का सबूत है।

यह छत्तीसगढ़ में माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान से जुड़ा है।

सेना ने लोगों को बिना सत्यापन के ऐसे कंटेंट शेयर न करने की सलाह दी है।

ऑपरेशन कर्रेगुट्टा क्या था

ऑपरेशन कर्रेगुट्टा छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में माओवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन है।

इस दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *