गोरखपुर के इन इलाकों में एक माह से जलापूर्ति ठप, सुबह सवेरे बाल्टी लेकर लगाते हैं दौड़

 


गोरखपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 57 के रायगंज दक्षिणी और तुर्कमानपुर में एक माह से जलापूर्ति ठप है। पांडेयहाता पुलिस चौकी से लेकर घंटाघर तक सड़क के दोनों ओर सड़क निर्माण और नाला चौड़ीकरण चल रहा है।

इसके लिए छह दिसंबर 2025 को नाला निर्माण के लिए पाइप लाइन हटाई गई थी, लेकिन इसके बाद अब तक न तो पूरी पाइप लाइन बिछाई गई और न ही जलापूर्ति बहाल की गई। लोगों का कहना है कि शुरूआती दो-चार दिनों तक दिक्कत नहीं हुई, लेकिन अब समस्या बढ़ती जा रही है। लोग सुबह सवेरे बाल्टी लेकर पानी के लिए दौड़ लगाने लगते हैं।

जलापूर्ति बाधित होने से पांडेयहाता, मुरब्बा गली, खुर्रमपुर समेत करीब चार सौ मकानों के लोग गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। ठंड के मौसम में पानी की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है। पीने के लिए लोग पानी खरीदने को मजबूर हैं, जबकि नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कामों के लिए आसपास के मकानों में लगे सबमर्सिबल पंप से बाल्टियों में पानी ढोना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिक अमरूल निशा ने कहा कि वह समीप में स्थित मस्जिद से पानी भरकर ले आ रही हैं। चंदा शुक्ला, आलोक अग्रहरि, गौरव मिश्रा, रविंद्र सिंह, राजेश गुप्ता, शशि मोहन पांडेय, नवमी लाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि यहां सीवर लाइन से लेकर नाली तक चोक है। लोगों का कहना है कि कई परिवार पांच से छह हजार रुपये तक पानी खरीद चुके हैं। हालत यह है कि पीने के पानी से ही अन्य दैनिक कार्य करने पड़ रहे हैं।

पड़ोस से पानी लेने में भी संकोच की स्थिति बन रही है, क्योंकि सबमर्सिबल चलने से बिजली का खर्च बढ़ रहा है। शिकायत के बाद भी नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। वार्ड नंबर 57, रायगंज के पार्षद अशोक कुमार यादव ने कहा कि जनसमस्या को देखते हुए अधिकारियों से जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया है।

स्थानीय नागरिकों के द्वारा रिपोर्ट

एक माह से पानी नहीं आने के कारण घर की पूरी व्यवस्था बिगड़ गई है। बाल्टियों से पानी ढोना बेहद कष्टदायक हो गया है।-मधु अग्रवाल, स्थानीय नागरिक

पानी खरीदने में हर सप्ताह अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी से जनता परेशान है। -करन केडिया, स्थानीय नागरिक

सुबह तड़के से ही पानी की तलाश शुरू करनी पड़ती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति असहनीय है। लेकिन अब हम लोग क्या कर सकते हैं।- विवेक गुप्ता, स्थानीय नागरिक

नाला निर्माण के बाद पाइप लाइन न बिछाया जाना सीधे तौर पर लापरवाही है। अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।-यतीन्द्र नाथ शुक्ला, स्थानीय नागरिक

 

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