बांग्लादेश में 10 लाख नौकरियां जाने का खतरा, टेक्सटाइल इंडस्ट्री बंद होने की चेतावनी

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
26/01/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – बांग्लादेश की टेक्सटाइल (कपड़े) इंडस्ट्री गंभीर संकट से गुज़र रही है।

टेक्सटाइल मिल मालिकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जनवरी के आखिर तक यार्न का ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट बंद नहीं किया गया तो वे 1 फरवरी से देश भर में मिलें बंद कर देंगे।

सुत्र के मुताबिक, बांग्लादेश की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने नेशनल बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू से इंपोर्टेड यार्न को दी जा रही कस्टम ड्यूटी छूट की सुविधा खत्म करने की सिफारिश की है।

मिल मालिकों ने दावा किया है कि लोकल इंडस्ट्री को भारी नुकसान हो रहा है क्योंकि घरेलू बाज़ार भारत से सस्ते यार्न से भर गया है।

उन्होंने कहा है कि बराबरी का मौका खत्म हो गया है और अगर मिलें बंद हो जाती हैं, तो 10 लाख वर्कर्स की नौकरियां जाने का खतरा है।

10 लाख वर्कर्स की नौकरियां खतरे में

बांग्लादेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन (BTMA) ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है, “अगर 1 फरवरी से मिलें बंद हो जाती हैं, तो लगभग 10 लाख वर्कर्स की नौकरियों पर असर पड़ेगा।”

शक है कि इससे देश में सोशल टेंशन भी बढ़ सकता है। इसके बावजूद, सरकार ने अभी तक वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) पर कोई राहत देने का ऐलान नहीं किया है।

50 से ज़्यादा मिलें बंद, 15 अरब का धागा रुका

बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट (गारमेंट) बनाने वाले कई सालों से भारत से कॉटन यार्न और चीन से पॉलिएस्टर यार्न इंपोर्ट कर रहे हैं।

लेकिन पिछले तीन-चार महीनों में गैस की कमी, सप्लाई में गड़बड़ी और एनर्जी की बढ़ती कीमतों ने और दिक्कतें खड़ी कर दी हैं।

सुत्र के मुताबिक, सस्ते भारतीय यार्न के बड़े पैमाने पर इंपोर्ट की वजह से करीब 15 अरब का घरेलू यार्न मार्केट में रुका हुआ है। अब तक 50 से ज़्यादा टेक्सटाइल मिलें बंद हो चुकी हैं और हज़ारों मज़दूरों की नौकरी चली गई है।

कई इंडस्ट्रियलिस्ट को बैंक लोन चुकाने में भी मुश्किल हो रही है।

78 परसेंट यार्न भारत से इंपोर्ट हुआ

सरकारी डेटा के मुताबिक, बांग्लादेश ने 2025 में करीब $2,000 मिलियन कीमत का 700 मिलियन किलोग्राम यार्न इंपोर्ट किया, जिसमें से 78 परसेंट भारत से आया।

स्पिनिंग मिल मालिकों ने 10-30 काउंट कॉटन यार्न के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट को खत्म करने की मांग की है।

उन्होंने सस्ती और लगातार गैस सप्लाई, संकट के दौरान VAT में राहत, बैंक लोन पर ब्याज दरों में कमी और सरकार के साथ सीधी बातचीत का माहौल बनाने की भी मांग की है।

दूसरी ओर, गारमेंट इंपोर्टर्स का कहना है कि भारतीय यार्न की क्वालिटी और रेगुलर सप्लाई अच्छी है।

उनके अनुसार, ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट बंद करने से प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ेगी और ग्लोबल मार्केट में बांग्लादेश की कॉम्पिटिटिवनेस कमजोर होगी।

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