ग्रामीण विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को गति, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने पर जोर

 

युवा, महिला, दिव्यांग और बेघर नागरिकों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान

बीएलओ और सुपरवाइजरों को मतदाता सूची की जांच कर त्रुटियां दूर करने की जिम्मेदारी

सहायक अभिलेख अधिकारी/ईआरओ पवन कुमार जायसवाल की निगरानी में पुनरीक्षण कार्य पर जोर

गोरखपुर जनपद में 323 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन बनाने के साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, दर्ज विवरण में संशोधन कराने और प्रविष्टियों की जांच करने से जुड़े कार्यों को गंभीरता से पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

323 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सहायक अभिलेख अधिकारी/ईआरओ पवन कुमार जायसवाल पुनरीक्षण कार्य से जुड़े दायित्वों के तहत कार्य कर रहे हैं। उनके साथ नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह, आकांक्षा पासवान और ईशांत मिश्रा भी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में संबंधित कार्यों में जुटे हैं। अभियान के दौरान मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र मतदाताओं के पंजीकरण और निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुपालन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान विशेष रूप से उन युवाओं पर ध्यान दिया जा रहा है, जो पहली बार मतदाता बनने के पात्र हैं। ऐसे युवाओं को पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उनके आवेदन और आवश्यक अभिलेखों की जांच पर जोर है। इसके अतिरिक्त पात्र महिलाओं, दिव्यांगजनों और बेघर नागरिकों को भी मतदाता सूची से जोड़ने की आवश्यकता पर ध्यान दिया जा रहा है। अभियान की मंशा है कि पात्रता रखने वाले प्रत्येक नागरिक को मतदाता बनने का अवसर मिले और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उसकी भागीदारी सुनिश्चित हो।

पुनरीक्षण कार्य में बूथ स्तर के अधिकारियों और सुपरवाइजरों की भूमिका अहम है। उनके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच, पात्र मतदाताओं की पहचान और आवश्यक संशोधनों से जुड़े आवेदनों की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है। इसलिए बूथ स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार जिम्मेदारी निभाने और प्रत्येक प्रविष्टि की सावधानीपूर्वक जांच करने पर जोर दिया जा रहा है। मतदाता के नाम, पते और अन्य विवरणों में त्रुटि मिलने पर नियमानुसार संशोधन की प्रक्रिया अपनाने का उद्देश्य है, ताकि भविष्य में मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए महिला-पुरुष अनुपात, अलग-अलग आयु वर्ग के मतदाताओं की स्थिति और अन्य संबंधित बिंदुओं की समीक्षा भी महत्वपूर्ण है। पुनरीक्षण के दौरान इन पहलुओं पर ध्यान देने से मतदाता सूची में संभावित कमियों की पहचान करने और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा है कि वे उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर तथ्यात्मक जांच करें तथा किसी भी पात्र नागरिक का नाम जोड़ने या विवरण संशोधित करने से संबंधित आवेदन नियमानुसार आगे बढ़ाएं।

अभियान के दौरान यह भी महत्वपूर्ण है कि नागरिकों को मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया की सही जानकारी मिले। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करना चाहिए। इसी तरह यदि किसी मतदाता के नाम, पते या अन्य विवरण में गलती है, तो उसे ठीक कराने के लिए नियमानुसार आवेदन किया जा सकता है। समयबद्ध और व्यवस्थित प्रक्रिया से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने में सहायता मिलती है।

सहायक अभिलेख अधिकारी/ईआरओ पवन कुमार जायसवाल और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर पुनरीक्षण कार्य को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा करने पर जोर है। बूथ स्तर पर कार्यों की गंभीरता से निगरानी, अभिलेखों की सही जांच और पात्र नागरिकों के पंजीकरण को प्राथमिकता देना इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य हैं। मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में पुनरीक्षण अभियान के सफल संचालन से ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को अधिक अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी।

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