गर्म दूध से नहाँकर मुसहरों ने मनाई भुइया पूजा

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/02/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – महोत्तरी जिला के बर्दीवास में आदर्श मुसहर बस्ती के मुसहर समुदाय ने खौलते गर्म दूध से स्नान कर भुइया पूजा मनाई।

मुसहर समुदाय ने अपने कुल देवता दीना-भद्री को याद करते हुए खौलते गर्म दूध से स्नान कर भौइया महाराज की पूजा की।

मुसहर बस्ती के युवा नेता मंजय सदा ने बताया कि भुंय बाबा के प्रतीक के रूप में तीन बच्चों को उबले दूध से नहलाया गया।

उन्होंने कहा कि मुसहर समुदाय के देवता दीना-भद्री का दूसरा नाम भुनय महाराज है।

उनके मुताबिक यह पूजा जनवरी महीने में मनाई जाती है।

सदा ने बताया कि मन्नत पूरी होने पर पान, मखान, लड्डू, खीर, रोटी, सुपारी आदि चढ़ाने और बांस की बल्लियों से धनुष बनाकर धूमधाम से बांस की पूजा करने का रिवाज है।

उनका कहना है कि कुल देवता का स्मरण कर गर्म दूध से स्नान करने से शरीर को गर्म रखने की अद्भुत शक्ति होती है।

मुसहर समुदाय के बच्चों का कहना है कि उबलते दूध से नहाना विज्ञान से ज्यादा धर्म और संस्कृति में आस्था है।

प्राचीन काल से चली आ रही ऐसी परंपराओं में इन्हें शाश्वत शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

भौया पूजा क्या है?

स्थानीय भाषा में भुयया का मतलब पृथ्वी होता है। भूमि, मिट्टी या धरती को भुयय्या कहा जाता है।

कहा जाता है कि भुइंया पूजा को प्रकृति की पूजा के रूप में भी लिया जा सकता है।

छठी शताब्दी में वर्तमान नेपाल के सप्तरी जिले में जन्मे दीना-भद्री भाइयों की पूजा करना भुनया पूजा है।

भाषा एवं संस्कृति कार्यकर्ता फुलगेन माघी के अनुसार, जिन्हें इतिहास में दीना-भद्री मुसहर समुदाय के कुल देवता और अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ एक महान योद्धा के रूप में वर्णित किया गया है।

दीना-भद्री को मुसहर समुदाय द्वारा भुंय महाराज के नाम से भी संबोधित किया जाता है।

अभिनय माघी कहते हैं कि भले ही वे मुसहर वंश में पैदा हुए थे, लेकिन उनका पूरे समाज के कल्याण के लिए काम करने का इतिहास है।

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