लोकतंत्र पर हमले में जेल:” दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून को आजीवन कारावास की सजा

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
19/02/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल की एक जिला अदालत ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति इउन सुक-योल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

3 दिसंबर 2024 को उन्होंने देश में ‘मार्शल लॉ’ (सैन्य शासन) की घोषणा की और लोकतंत्र के खिलाफ विद्रोह के आरोप में कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।

अदालत के अनुसार राष्ट्रपति युन का सबसे बड़ा अपराध सैनिकों और पुलिस का उपयोग करके संसद पर कब्ज़ा करने की कोशिश करना था।

मुख्य न्यायाधीश जी गुई-योन के अनुसार, संकट के दौरान संसद में सैनिकों को भेजना और राजनीतिक नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश करना कानून की नजर में “देशद्रोह” है।

कोर्ट ने कहा, ”सरकार और विपक्ष के बीच लड़ाई होना सामान्य बात है, लेकिन इसके नाम पर संविधान में बदलाव कर सेना का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”

अदालत के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति युन ने मुकदमे के दौरान अपने गलत काम को स्वीकार नहीं किया और कोई पछतावा नहीं दिखाया, इसलिए उन्हें कड़ी सजा दी गई।

सरकारी वकीलों ने मांग की कि उन्हें मौत की सज़ा दी जाए, लेकिन कोर्ट ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया।

दूसरी ओर, युन के वकीलों ने फैसले का “तय नाटक” कहकर विरोध किया। अब उनके हाई कोर्ट में अपील करने की संभावना है।

फैसले से पहले युन को हिरासत में ले लिया गया है। अब उन्हें एकांत हिरासत केंद्र ‘सोल डिटेंशन सेंटर’ में भेज दिया गया है।

उनके खिलाफ अन्य आरोप (सत्ता का दुरुपयोग और सरकारी काम में बाधा डालना) लंबित हैं।

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