बिहार से नेपाल में प्रवेश कर रही सिंचाई व्यवस्था, कहां पड़ेगा ज्यादा असर?

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
21/03/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – मौसम विज्ञानियों ने कहा है कि भारत के बिहार क्षेत्र में एक सिस्टम बागमती क्षेत्र में प्रवेश करेगा और बारिश लाएगा।

मौसम वैज्ञानिक उज्ज्वल उपाध्याय के मुताबिक, गोरखपुर-बगहा के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहा सिस्टम फिलहाल उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है।

जैसे ही यह सिस्टम नेपाल में पहले से ही सक्रिय बारिश सिस्टम से टकराएगा, कुछ समय के लिए भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक उपाध्याय के मुताबिक यह सिस्टम पश्चिम चितवन जिला से शुरू होकर पूर्व की ओर बढ़ेगा।

इसके प्रभाव से चितवन जिला के भंडारा, टांडी, भरतपुर, मुगलिंग और शक्तिखोर इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

साथ ही, इस सिस्टम के धादिंग जिला और उत्तरी मकवानपुर जिला से होते हुए सुबह 10 से 11 बजे के आसपास काठमाण्डौ घाटी तक पहुंचने की उम्मीद है।

उनके मुताबिक इस बारिश की अवधि अधिकतम 3 घंटे होगी। चूंकि यह सिस्टम काठमाण्डौ घाटी तक पहुंचते-पहुंचते कमजोर हो सकता है, इसलिए घाटी में भारी बारिश की संभावना कम है।

इस बारिश के बाद कहा जा रहा है कि पश्चिम और काठमाण्डौ घाटी और मध्य क्षेत्र में मौसम धीरे-धीरे खुल जाएगा।

मौसम वैज्ञानिक हरि प्रसाद दहाल के मुताबिक आज रात से इस सिस्टम का असर कम होने की संभावना है।

कल ही देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी तूफान और ओलावृष्टि हुई।

कल की मौसम घटना के कारण जन-जीवन कुछ हद तक प्रभावित हुआ और स्थानीय स्तर पर फसलों और संरचनाओं को भी मामूली क्षति हुई।

सबसे भारी वर्षा मोरंग जिला के लेटांग में होती है

जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में मोरंग जिला के लेटांग में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।

आज सुबह साढ़े आठ बजे तक के ब्यौरे के मुताबिक लेटांग में 61.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि भारी बारिश और तूफान के कारण विभिन्न जिलों में सड़क, बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार शुक्रवार का सिस्टम जारी रहने और अधिक विकसित हवा के कारण चितवन और आसपास के इलाकों में आज फिर बारिश की संभावना है।

मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विज्ञानी ने संबंधित क्षेत्रों के निवासियों से आवश्यक सावधानी बरतने को कहा है।

मौसम विज्ञानी तूफान और बिजली गिरने के खतरे के प्रति विशेष रूप से सचेत रहने का सुझाव देते हैं।

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