अमेरिका-ईरान में फिर टकराव, युद्ध थमने के संकेत, अभी निष्कर्ष नहीं निकला

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – शुक्रवार को रात भर होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अमेरिकी सेना और ईरानी सेना के बीच दोहरी गोलीबारी हुई। 

अमेरिकी सेना ने बताया है कि दो ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया गया है और उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है। ये ईंधन जहाज़ (टैंकर) अमेरिका द्वारा लगाई गई समुद्री नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

इस झड़प के कारण एक महीने पहले हुआ संघर्षविराम समझौता अब खतरे में पड़ गया है।

हालाँकि अमेरिका अभी भी कह रहा है कि संघर्ष विराम प्रभावी है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर तनाव बढ़ता दिख रहा है। 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्हें ईरान से शांति के लिए ठोस प्रस्ताव की उम्मीद है।

हालांकि, दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया है कि ईरान ने मिसाइलों और मानव रहित वाहनों (मिसाइल और ड्रोन) से फिर से हमला किया है। यूएई रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमले में तीन लोग घायल हुए हैं।

यह आयोजन क्यों महत्वपूर्ण है?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके माध्यम से अधिकांश कच्चा तेल दूसरे देशों में पहुंचाया जाता है। 

28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के कारण ईरान ने ज्यादातर रास्ते बंद कर दिए हैं।

सड़क बंद होने से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिसका असर सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

अब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे और अपने समुद्री रास्ते दोबारा खोल दे।

 हालाँकि, लगातार हो रही ऐसी छोटी-मोटी झड़पों के कारण शांति वार्ता सफल होगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दुनिया भर के लोग अब ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

अगर यह तनाव जल्द खत्म नहीं हुआ तो लगता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें और बढ़ सकती हैं और लोगों का जीना और मुश्किल हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *