अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला: चुनाव से पहले ट्रंप प्रशासन को झटका, पुराने नियमों के मुताबिक जारी रहेगी पोस्टल वोटिंग

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
15/09/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मेल-इन वोटिंग पर ट्रम्प प्रशासन के नए प्रतिबंधों और नियमों को अस्थायी रूप से खारिज कर दिया है।

कोर्ट का यह अहम फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है।

अदालत के इस फैसले से सभी अमेरिकी राज्य कई वर्षों से इस्तेमाल की जा रही पुरानी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं को डाक मतपत्र भेज सकेंगे।

ट्रम्प प्रशासन ने अदालत से नवंबर के प्राथमिक चुनाव से पहले डाक मतदान को सख्त करने की अनुमति मांगी थी, जो यह निर्धारित करेगा कि अमेरिकी कांग्रेस को कौन नियंत्रित करता है।

चूंकि संयुक्त राज्य अमेरिका में कुल मतदाताओं का लगभग एक-तिहाई (एक-तिहाई) लोग मेल द्वारा मतदान करते हैं, इसलिए इस मामले को दूरगामी प्रभाव वाले निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

नागरिक अधिकार संगठन ‘एनएएसीपी’ के मुख्य कानूनी सलाहकार क्रिस्टन क्लार्क ने अदालत के फैसले को लोकतंत्र और आम मतदाताओं के लिए एक बड़ी जीत बताया।

उन्होंने कहा कि मेल द्वारा मतदान सुरक्षित है और अमेरिकी इतिहास में यह लंबे समय से चली आ रही प्रथा है।

क्लार्क ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय ने लाखों अमेरिकियों के लिए मतदान को कठिन बनाने के प्रयासों को समय रहते रद्द कर दिया है।”

उन्होंने कहा, “अदालत के फैसले ने वोट देने के अधिकार की रक्षा की है। हमारा लोकतंत्र तब सबसे अच्छा काम करता है जब हर योग्य नागरिक चुनाव में भाग ले सकता है।

हम इस मध्यावधि चुनाव में वोट देने के अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए हर नागरिक का हर संभव तरीके से समर्थन करना जारी रखेंगे।”

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