बिना बालेन सरकार बनाए नेपाल से पूछे बिना लिपुलेख के रास्ते चीन के साथ व्यापार खोलने की भारत की घोषणा

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
22/03/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – नेपाल की आपत्ति जारी रहने के बीच भारत ने लिपुलेक दर्रे के जरिए भारत-चीन व्यापार मार्ग फिर से शुरू करने की घोषणा की है।

भारत के उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के जिला अधिकारी आशीष भटगानी के अनुसार, मार्ग 1 जून से फिर से खोलने की तैयारी है।

पांच साल से बंद यह मार्ग दोबारा चालू होने जा रहा है। भटगानी ने कहा कि कारोबार बंद होने से स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

लिपुलेक दर्रा नेपाल के दावे के अनुसार पश्चिमी सीमा लिम्पियाधुरा के भीतर का एक क्षेत्र है, जिस पर नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।

सुत्र के मुताबिक, भारत के विदेश मंत्रालय ने उस रास्ते से कारोबार संचालन के लिए ‘अनापत्ति’ मंजूरी दे दी है।

बताया जा रहा है कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजकर कारोबार फिर से शुरू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले भी, जब भारत और चीन इस मार्ग से व्यापार करने पर सहमत हुए थे, तो नेपाल ने अपनी संप्रभुता और क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी।

चूंकि लिपुलेक क्षेत्र नेपाल-भारत-चीन त्रिपक्षीय सीमा से जुड़ा एक संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए नेपाल की स्थिति यह रही है कि इससे संबंधित निर्णयों के लिए नेपाल की सहमति आवश्यक है।

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