बांग्लादेश ने बॉर्डर के पास एक स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट रडार सिस्टम लगाया है

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
26/04/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – हालिया रिपोर्टों और अप्रैल 2026 के अपडेट के अनुसार, बांग्लादेश ने अपनी हवाई सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ढाका और सीमावर्ती क्षेत्रों में अत्याधुनिक रडार सिस्टम सक्रिय कर दिया है, जिससे भारत के पूर्वोत्तर हवाई क्षेत्र की निगरानी संभव हो सकेगी।
इस विषय से संबंधित मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं

ढाका में फ्रांसीसी रडार

बांग्लादेश ने हाल ही में ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्रांसीसी कंपनी थेल्स द्वारा निर्मित ग्राउंड मास्टर 403M रडार प्रणाली को तैनात किया है।

यह एक अत्याधुनिक 3डी वायु रक्षा रडार है जिसकी निगरानी सीमा लगभग 650 किलोमीटर (350 समुद्री मील) है।

लालमोनिरहाट एयरबेस पर हलचल

नवंबर 2025 की रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के पास स्थित लालमोनिरहाट एयरबेस पर एक नया रडार सिस्टम भी स्थापित कर रहा है।

यह स्थान भारतीय सीमा के बेहद करीब है, जिससे भारत के संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर और पूर्वोत्तर राज्यों के हवाई क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती है।

सुरक्षा संबंधी चिंताएँ

भारतीय रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन प्रणालियों की चरम सीमा और निकट-सीमा पर तैनाती से भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की गतिविधियों और पूर्वोत्तर भारत के हवाई क्षेत्र की बाहरी निगरानी बढ़ सकती है।

इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश द्वारा तुर्की के बेराकटार टीबी2 ड्रोन की तैनाती ने भी सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ा दी हैं।

बांग्लादेश का पक्ष

बांग्लादेश सरकार का कहना है कि यह उसकी सैन्य आधुनिकीकरण प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य केवल अपनी राष्ट्रीय हवाई सुरक्षा और हवाई यातायात प्रबंधन (एटीएम) को मजबूत करना है।

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