मानसरोवर कैलाश दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों ने हुम्ला में प्रवेश करना शुरू कर दिया

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
17/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – बरसात का मौसम शुरू होते ही सिमकोट में मानसरोवर कैलाश जाने वाले भारतीय धार्मिक पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है।

सीजन शुरू होने के बाद नेपालगंज से जिला मुख्यालय सिमकोट होते हुए हिलसा तक हवाई मार्ग से चीन के मानसरोवर कैलाश पर्वत देखने के लिए पर्यटकों का आना शुरू हुआ तो महज चार दिनों में 169 लोग आ चुके हैं।

सिमकोट एयरपोर्ट के प्रमुख महेंद्र सिंह ने बताया कि हुम्ला के रास्ते 169 तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए सिमकोट एयरपोर्ट आये।

उनके अनुसार मई 13 तारीख से जो यात्री आना शुरू हुए थे उनमें से चार दिन में 147 भारतीय यात्री और दूसरे देशों से 22 यात्री सिमकोट आये।

प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद, अकेले शनिवार को समिट एयर की तीन उड़ानों से 47 तीर्थयात्री सिमकोट पहुंचे। उनमें से 23 को सिमकोट में रुकना पड़ा क्योंकि उनके पास कैलाश मानसरोवर जाने का परमिट नहीं था।

4 अप्रेल को मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण परमिट मिलने में देरी के बाद 23 भारतीय तीर्थयात्री सिमकोट में रुकेंगे।

आंदोलन शुरू होने के चार दिन बाद मानसरोवर कैलाश दर्शन के लिए जाने वाले भारतीय धार्मिक पर्यटकों की संख्या को देखते हुए माना जा रहा है कि संख्या में बढ़ोतरी होगी।

2015 के भीषण भूकंप के बाद भारतीय पर्यटक हिल्सा दर्रे से आने लगे।

इसी बीच कोरोना काल में हिलसाना बंद हो गया तो पर्यटकों का आना बंद हो गया।

चीन द्वारा पिछले साल भारतीय पर्यटकों को हिल्सा से मानसरोवर कैलाश की यात्रा की अनुमति देने के बाद, पिछले साल चार महीनों में 6,500 भारतीय पर्यटकों ने मानसरोवर कैलाश की यात्रा की।

इस वर्ष 13 मई को पहली बार तीर्थयात्रियों का सिमकोट आगमन हुआ।

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