महराजगंज रिजर्व पुलिस लाइन में विचाराधीन अभियोगों के त्वरित निस्तारण हेतु पैरवी अधिकारियों की कार्यशाला का हुआ आयोजन

महराजगंज जनपद में अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन, गोरखपुर के निर्देशों के क्रम में जनपद महराजगंज में विचाराधीन अभियोगों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण, न्यायालयों में सुदृढ़ पैरवी तथा अभियोजन एवं पुलिस के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 26 जुलाई 2026 को प्रातः 11:00 बजे पुलिस लाइन महराजगंज स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक महराजगंज द्वारा की गई जिसमें जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, थानों पर नामित पैरवी अधिकारी, पैरोकार, कोर्ट मोहर्रिर, प्रभारी मॉनिटरिंग सेल के साथ-साथ संयुक्त निदेशक अभियोजन, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया

कार्यशाला के दौरान न्यायालयों में लंबित अभियोगों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी पैरवी, साक्ष्यों के समुचित संकलन एवं समयबद्ध प्रस्तुतीकरण, गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने, विवेचना एवं अभियोजन के मध्य समन्वय, न्यायालयों द्वारा की गई आपत्तियों के त्वरित अनुपालन तथा अभियोजन की गुणवत्ता में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विचाराधीन अभियोग की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रत्येक स्तर पर पुलिस एवं अभियोजन विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण पैरवी सुनिश्चित करें, जिससे गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र एवं प्रभावी दंड दिलाया जा सके।इसके साथ ही न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग, समयबद्ध कार्यवाही एवं आवश्यक अभिलेखों के शीघ्र प्रेषण पर विशेष बल दिया गया।

कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं पैरवी अधिकारियों को न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्यप्रणाली, अभियोजन से समन्वय की प्रक्रिया तथा केस मॉनिटरिंग से संबंधित आवश्यक बिंदुओं की जानकारी भी प्रदान की गई। साथ ही निर्देशित किया गया कि प्रत्येक थाना स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।

जनपदीय पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित अभियोगों के शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया को गति प्रदान करना, दोषसिद्धि (Conviction Rate) में वृद्धि करना तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं सुदृढ़ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से पुलिस एवं अभियोजन विभाग के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाते हुए न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

4
3
1
5
6
7
2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *