अमेरिका में 17 ईरानी नागरिकों पर साइबर हमले का मामला, यूनिवर्सिटी से लेकर सरकारी एजेंसियां निशाने पर

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
19/08/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों, निजी संस्थानों और सरकारी एजेंसियों पर एक बड़े साइबर हमले के लिए 17 ईरानी नागरिकों के खिलाफ आरोप दायर किए हैं।

अभियोजकों के अनुसार, ईरान स्थित संस्थान से जुड़े हैकरों ने 2013 के बाद से 144 अमेरिकी विश्वविद्यालयों, 42 निजी कंपनियों, पांच संघीय और राज्य सरकारी एजेंसियों और कम से कम दो गैर-सरकारी संगठनों को निशाना बनाया।

अभियोग में उल्लेख किया गया है कि अनधिकृत प्रवेशकों (हैकर्स) ने अनधिकृत रूप से कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश किया और 31 टेराबाइट से अधिक शैक्षिक डेटा, अनुसंधान सामग्री, बौद्धिक संपदा और कर्मचारियों के इलेक्ट्रॉनिक खाते (ईमेल) खाते को चुरा लिया।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से कई साइबर हमले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा किए गए हो सकते हैं।

आरोपित 17 लोगों में से नौ पर पहले भी इसी तरह की गतिविधियों का आरोप लगाया गया था।

अमेरिकी अटॉर्नी जेमी मैकडोनाल्ड ने कहा कि भले ही विदेशी जमीन से साइबर हमले अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती हैं, लेकिन वह ऐसी गतिविधियों पर मुकदमा चलाना जारी रखेंगे।

इस बीच, तीन हफ्ते पहले अमेरिका ने जल आपूर्ति प्रणाली पर संभावित साइबर हमले की चेतावनी दी थी।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि मिनेसोटा में कुछ जल उपचार संयंत्रों पर साइबर हमले में ईरान शामिल हो सकता है।

अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी (एजेंसी) के अनुसार, अनधिकृत घुसपैठियों ने जल प्रणाली के नियंत्रण उपकरण तक पहुंच प्राप्त की और पासवर्ड बदलकर कर्मचारियों को सिस्टम से बाहर करने का प्रयास किया।

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