ईरानी विदेश मंत्री ने पर्यावरण पर युद्ध के प्रभाव की चेतावनी दी

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
11/10/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि पर्यावरण को अब युद्ध के मूक शिकार के रूप में नहीं देखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में गाजा, लेबनान और ईरान की घटनाओं से पता चला है कि सैन्य हमलों का पर्यावरण पर गहरा और कभी-कभी लंबे समय तक चलने वाला प्रभाव पड़ा है, जिसमें मानव हताहत हुए हैं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का विनाश हुआ है।

उन्होंने कहा, ”गाजा में पर्यावरणीय आपदा की स्थिति इतनी भयानक है कि संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने इसे अभूतपूर्व पर्यावरणीय क्षति बताया है।”

उन्होंने कहा कि लेबनान में हथियारों के इस्तेमाल और हमलों के कारण लगी आग ने जंगलों और कृषि भूमि को नष्ट कर दिया है।

उनके अनुसार, संयुक्त राष्ट्र को सौंपी गई रिपोर्टों और दस्तावेजों से पता चलता है कि लाखों वर्ग मीटर भूमि जल गई है और हजारों जैतून के पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

अराघची ने कहा कि ईरान के तेल भंडार, प्रसंस्करण केंद्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी-इजरायल के हमलों से “गंभीर पर्यावरणीय जोखिम” भी पैदा हुआ है।

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