शिक्षक स्वाभिमान की रक्षा के लिए संजयन त्रिपाठी को जिताएं: प्रो. चितरंजन मिश्र

 

सपा सरकार में शिक्षकों को मिला सम्मान, भाजपा सरकार में सेवा सुरक्षा पर संकट का आरोप

पुरानी पेंशन बहाली और ग्रेच्युटी देने का सपा ने किया वादा

शिक्षक मतदाताओं से संजयन त्रिपाठी के पक्ष में मतदान की अपील

गोरखपुर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षाविदों ने शिक्षक मतदाताओं से एकजुट होकर मतदान करने की अपील की है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर चितरंजन मिश्र ने बुधवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए शिक्षकों के सम्मान, सेवा सुरक्षा और पेंशन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सभी शिक्षक मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लें और शिक्षक हितों की रक्षा के लिए संजयन त्रिपाठी का समर्थन करें।

प्रो. मिश्र ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारों में शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने से लेकर उनकी समस्याओं के समाधान तक, सपा सरकारों ने शिक्षक हितों को प्राथमिकता दी। इसके विपरीत उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों की सेवा समाप्ति की बात करते हैं और सरकार शिक्षकों को ग्रेच्युटी का लाभ देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वह शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मिले थे, लेकिन उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई।

उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि इनसे शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक स्वाभिमान और शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक, पढ़ाई-लिखाई का स्तर लगातार गिर रहा है और शिक्षकों को शैक्षणिक दायित्वों के बजाय सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का माध्यम बनाया जा रहा है। शिक्षकों की सेवा शर्तों को जटिल और गरिमाहीन किए जाने से उनमें असंतोष बढ़ रहा है।

प्रो. मिश्र ने दावा किया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही एक दर्जन से अधिक शिक्षक प्रबंधकों के उत्पीड़न के कारण अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में उच्च न्यायालय के आदेशों का समुचित सम्मान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए जरूरी है कि शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा शिक्षकों के स्वाभिमान, मर्यादा और गरिमा को बनाए रखने का प्रयास किया है। शिक्षकों के नियमितीकरण, सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने और सेवा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण सवालों पर सपा सरकारों ने शिक्षक हित में फैसले लिए। इसके उलट भाजपा सरकार में शैक्षणिक संस्थानों की लोकतांत्रिक संरचना कमजोर हुई है। स्वतंत्र विचार रखने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को हतोत्साहित किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों और शिक्षक की स्वतंत्र चेतना का सम्मान जरूरी है।

प्रो. मिश्र ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी। साथ ही, उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का सम्मान करते हुए सभी पात्र शिक्षकों को ग्रेच्युटी का लाभ दिलाने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े इन मुद्दों के समाधान के लिए संजयन त्रिपाठी की जीत आवश्यक है। उनके मुताबिक, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार बनने पर पार्टी के वादों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।

इसी क्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री डॉ. धीरेंद्र सिंह ने भी सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के समर्थन में प्रेस वार्ता कर शिक्षक मतदाताओं से मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन का दौर है और इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हराने के लिए शिक्षकों को एकजुट होकर मतदान करना चाहिए। उन्होंने शिक्षक मतदाताओं से अपील की कि वे अपने हितों, सम्मान और भविष्य को ध्यान में रखते हुए संजयन त्रिपाठी के पक्ष में मतदान करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *