जब गांधी हॉस्पिटल को ध्वस्त करते और ईरानी राष्ट्र प्रमुख की हत्या होते, मोदी सरकार न बोलने पर भारत में जोरदार विरोध

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
05/03/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – इजराइल और अमेरिका ने रविवार को ईरान के गांधी अस्पताल पर हमला कर दिया।

हमला होने के बाद गर्भ में पल रहे बच्चे को बाहर निकालना पड़ा।

पिछले शनिवार से ईरान पर हमले में इजराइल और अमेरिका के निशाने पर रहे गांधी अस्पताल से भारत का कनेक्शन है।

2008 में मोहम्मद हसन बानी द्वारा निर्मित डॉ. गांधी अस्पताल, ईरान की राजधानी तेहरान का सबसे बड़ा निजी अस्पताल है।

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाने वाला भारत इस हमले के दौरान चुप रहा।

इतना ही नहीं, अयातुल्ला अली खामेनेई, जिन्हें भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी मेरे अच्छे दोस्त के रूप में पेश किया था, की भी शनिवार को हत्या कर दी गई।
जब हत्या हुई तब भी भारत चुप रहा।
भारत में इसका व्यापक विरोध हुआ।

मंगलवार को सोनिया गांधी ने लेख लिखकर विरोध जताया।

गांधी ने आलोचना की है कि भारत का ईरान के राष्ट्रप्रमुख की हत्या के बारे में बात न करना तटस्थता का मानक नहीं बल्कि जिम्मेदारी से बचना है।

उन्होंने लेख में यह भी लिखा है कि ग्लोबल साउथ के पास भारत पर भरोसा करने का आधार कमजोर है।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और गांधी परिवार के अन्य लोगों ने भी विरोध जताया है।

सोशल मीडिया से लेकर मास मीडिया तक इसका विरोध हो रहा है कि भारत ने ग्लोबल साउथ के नेता और दुनिया की सबसे बड़ी निरंकुशता के रूप में व्यवहार नहीं किया है।
भारत में अन्य विपक्षी दलों ने भी विरोध जताया है।

भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल की राजकीय यात्रा के ठीक दो दिन बाद इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया।

विश्व मीडिया में इस बात की भी चर्चा हुई कि भारत ने विरोध नहीं किया।

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