बिहार सरकार राज्य के सभी 38 जिलों में हवाई अड्डे विकसित करने की योजना बना रही है

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
25/04/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – बिहार सरकार ने राज्य के सभी 38 जिलों में हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है।

हाल ही में (अप्रैल 2026) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को प्रत्येक जिले में एक हवाई अड्डा या हवाई पट्टी विकसित करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है।

इस योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं

क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी

इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य बिहार के हर कोने को हवाई मार्ग से जोड़ना है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सके।

निवेश और पर्यटन

सरकार का मानना ​​है कि बेहतर हवाई बुनियादी ढांचे से न केवल अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य में बड़े निवेश भी आकर्षित होंगे।

एयरोसिटी का विकास

प्रमुख हवाई अड्डों के आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना है, जिसमें आधुनिक होटल, वाणिज्यिक परिसर, लॉजिस्टिक पार्क और पर्यटन सुविधाएं शामिल होंगी।

प्रमुख चल रही परियोजनाएँ

सोनपुर (सारण)

नए अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए 4,200 एकड़ भूमि और ₹1,302 करोड़ के आवंटन को मंजूरी दी गई है।

सहरसा

कोड-2बी श्रेणी के छोटे विमानों के परिचालन के लिए एयरपोर्ट अपग्रेडेशन के लिए टेंडर (35.14 करोड़) जारी कर दिया गया है.

अन्य जिले

भागलपुर (सुल्तानगंज), बीरपुर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और मुंगेर जैसे जिलों में भी हवाई अड्डे के विकास की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है।

अंतरराष्ट्रीय मानक 

पटना और दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है. पटना एयरपोर्ट के नये टर्मिनल का उद्घाटन हो चुका है।

योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, उन जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां बुनियादी ढांचा (जैसे पुरानी हवाई पट्टियां) पहले से ही मौजूद हैं।

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