भारत ने चीन के साथ मिलकर नेपाल के लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू की

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
01/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत ने नेपाल के भूमि लिपुलेक दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू कर दी है।

भारत ने चीनी सरकार के साथ मिलकर आधिकारिक तौर पर इस यात्रा की घोषणा कर दी है।

लिपुलेक नेपाल की भूमि है।

भारत सरकार द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 जून से अगस्त तक आयोजित की जाएगी।

भारत ने चीनी सरकार के साथ मिलकर आधिकारिक तौर पर इस यात्रा की घोषणा कर दी है।

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कल जारी एक बयान में कहा गया कि इस साल यात्रा के लिए कुल 20 समूह होंगे।

इनमें से 10 समूह लिपुलेख दर्रा होते हुए उत्तराखंड से होकर यात्रा करेंगे और अन्य 10 समूह नाथू ला दर्रा से होते हुए सिक्किम से यात्रा करेंगे। प्रत्येक समूह में 50 यात्री होंगे।

यात्रा में भाग लेने के इच्छुक लोग आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 19 मई है।

धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा हर साल हजारों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनती है।

नेपाल को यह नहीं पता कि ऐसी यात्रा का मार्ग नेपाल की भूमि पर पड़ता है या नहीं।

भारत और चीन पहले ही लिपुलेख दर्रे के जरिए व्यापार को बढ़ावा देने पर सहमत हो चुके हैं। नेपाल भी इस समझौते से अनभिज्ञ है।

नेपाल कालापानी, लिपुलेक लिंपियाधुरा को अपनी जमीन बताकर आपत्ति जता रहा है लेकिन भारत इस पर अतिक्रमण कर रहा है।

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