सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बादभारतीय व्यापारी आंदोलनएक चेतावनी संकेत

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
16/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – नेपाली सरकार द्वारा नेपाल और भारत के बीच सीमा पर सख्ती करने के बाद ‘ग्राहक खो जाने’ की बात कहकर विरोध करने वाले भारतीय कारोबारियों को अब बड़ा झटका लगा है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 100 रुपये से अधिक की दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं पर लगाए गए सीमा शुल्क को तत्काल न हटाने का अंतरिम आदेश दिए जाने से सीमा क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं।

व्यापारियों ने नेपाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भारतीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा था कि पिछले कुछ दिनों से सीमावर्ती भारतीय बाजार में नेपाली ग्राहक कम हो गये हैं।

उनकी शिकायत थी कि नेपाली उपभोक्ताओं पर सख्ती के कारण उनका कारोबार चौपट हो गया है।

लेकिन शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ द्वारा सरकार के फैसले पर रोक लगाने के बाद उम्मीद है कि सीमा क्षेत्र में दिख रहा ‘व्यावसायिक गुस्सा’ भी दूर हो जाएगा।

इस आदेश से आम लोगों को दैनिक उपभोग की वस्तुएं लाने पर तत्काल अतिरिक्त सीमा शुल्क नहीं देना होगा।

कानूनी चिकित्सकों ने यह भी दावा किया कि राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम 2081 के विपरीत थी।

इस फैसले के बाद उम्मीद है कि सीमावर्ती इलाकों में नेपाली ग्राहकों पर निर्भर रहने वाले भारतीय बाजारों में फिर से चहल-पहल लौटेगी।

कुछ दिन पहले तक जो लोग नेपाली सरकार के खिलाफ सड़कों पर आग उगल रहे थे, अब अनुमान है कि वे ‘कारोबार सामान्य हो जाएगा’ की उम्मीद में शांत हो जाएंगे।

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