प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजनी में हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल द्वारा लगाया गया कैंप

खजनी/गोरखपुर।भारत में 8 में से 1 पुरुष और 9 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में किसी न किसी तरह का कैंसर होने का अनुमान है। इसलिए हमें कैंसर मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग करना होगा क्योंकि उनके कैंसर का उचित उपचार ससमय अतिआवश्यक है। इसे देखते हुए हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीता वाटिका, गोरखपुर, ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी- गोरखपुर के सहयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, खजनी, गोरखपुर, के परिसर में आज दिनांक 1 सितम्बर 2026 दिन मंगलवार को प्रातः 10:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक एक नि:शुल्क कैंसर स्वस्थ्य शिविर का आयोजन किया जिसमें आए 153 मरीजों को अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र बिरबिया द्वारा सहायक चिकित्सक डॉ. तरुण कांति राजन की सहायता से इनमें कैंसर संबंधित लक्षण की जांच की। सबसे ज्यादा दिखाने आए लोगों में मुंह, स्तन में गांठ, गर्भाशय, अंडाशय जीभ, पेट , प्रोस्टेट, गले में गांठ आदि की संभावित समस्या वाले लोग आए। सभी लोगों की समस्या देखकर तथा जांचकर उचित निशुल्क दवाई दी गई। कैंसर के प्रकार एवं उनके लक्षण के दुर्दांत रोग कैंसर के सम्भावित मरीजों एवं उनके परिजनों को प्रशिक्षण तथा इलाज के बारे में जानकारी दी गई।
कैंसर जागरूकता अभियान के तहत इस स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित ए. एन. एम., जी. एन. एम., आशा-संगिनी एवं आशा कार्यकर्ताओं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा अस्पताल में आए सभी लोगों को बुलाकर कैंसर जागरूकता अभियान के तहत उनको कैंसर लक्षण का प्रशिक्षण तथा इलाज के बारे में जानकारी दी गई कि इन शिविरों के मुख्य उद्देश्य भारत में सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, माउथ कैंसर जो कि सबसे आम कैंसर है, के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। डॉ. तरुण कांति राजन ने बताया कि कैंसर असामान्य कोशिका की वृद्धि की वजह से होता है जो आम तौर पर शरीर के किसी एक हिस्से में उत्पन्न होकर दूसरी जगह फैल जाता है यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो कई प्रकार के कैंसर हो जाते हैं। लाखों लोगों को हर साल इस घातक बीमारी का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग इससे मुकाबला करते हैं जबकि कुछ लोग इसके आगे हार मान जाते हैं। अतः कैंसर के आगे कभी डरें नहीं बल्कि डटकर इसका दावा करें। शिविर प्रशासक अजय श्रीवास्तव ने कैंसर रोग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भारत में, स्तन कैंसर 23% है जबकि महिलाओं में कैंसर के 17% मरीज सर्वाइकल कैंसर के कारण होते हैं और दुनिया में सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों में से एक चौथाई का कारण सर्वाइकल कैंसर है, हालांकि इसे ज्यादातर रोका जा सकता है। भारत में हर साल लगभग 1.25 लाख महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का पता चलता है और 75 हजार से अधिक की इससे मौत हो जाती है। दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर 70% है। हर साल, रोकथाम, शीघ्र पता लगाने और उपचार के लिए संसाधन-उपयुक्त रणनीतियों को लागू करके लाखों लोगों की जान बचाई जाती है। नई ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन न कम कीमत और उच्च निर्माण क्षमता की सुविधा भारत को वैश्विक स्तर पर सर्विकल कैंसर को खत्म करने में महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करता है जो कि भारत के पास मौजूद है। यह सर्विकल कैंसर को रोकने और जीवन बचाने में महत्वपूर्ण हथियार है। नई वैक्सीन करीब एक डोज में सौ प्रतिशत के करीब सुरक्षा देने में सक्षम सभी लड़कियों को यह वैक्सीन लेनें में पहली पंक्ति में होना चाहिए। मुख कैंसर से बचाव के लिए धूम्रपान गुटका, खैनी, दोहरा हुक्का, तंबाकू, शराब आदि का सेवन एकदम नहीं करना चाहिए।
ताकि वे अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित कर और लोगो को कैंसर के बारे मे जागरुक कर सकें।
शिविर में भाग लेने वाले लोगों ने इस पहल की सराहना की और कैंसर संबंधित विभिन्न सवाल पूछे व अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करवाया सभी लोगो को कैंसर से संबंधित पत्रक, विवरण पुस्तिका, फ्लिपबुक, पोस्टर, लीफलेट/चित्रों के साथ पैम्फलेट आदि वितरित किया गया ताकि वे कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूकता के लिए व्यापक शिक्षाप्रद कार्यक्रमों को अयोजित करें क्योंकि समुदाय-आधारित शैक्षिक हस्तक्षेप से कैंसर के बारे में समुदाय में जागरूकता बढ़ती है और नियमित जांच कराने के लिए प्रेरित करता है, जिससे कैंसर का शीघ्र पता लगाने की रणनीति के अभ्यास में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
शिविर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप त्रिपाठी, डॉ. तरुण कांति राजन, डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता, अजय श्रीवास्तव, के. एम. अंसारी, आशीष श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी, विकास चक्रधारी, बृजेश पाण्डेय, स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टर एवं कर्मचारियों आदि का योगदान बहुत ही उल्लेखनीय था। रहा।

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