ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद पुतिन और शी दिल्ली से रवाना, मोदी से अहम बातचीत

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
13/09/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग रविवार को भारत छोड़ गए।

दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं ने व्यापार, आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी, शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की।

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में भाग लेने के अलावा, पुतिन ने भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी भी देखी।

ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने पश्चिमी देशों पर व्यापार और राजनयिक दबाव को राज्य के हस्तक्षेप के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

पुतिन के मुताबिक रूस पर 30,000 से ज्यादा प्रतिबंध लगाए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि ऐसे प्रतिबंधों की संख्या दुनिया के अन्य सभी देशों पर लगाए गए प्रतिबंधों की कुल संख्या से भी अधिक है।

सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।

बैठक में भारत-रूस व्यापार संबंधों के विस्तार, 2030 तक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन और बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और संस्कृति में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की गई।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में चल रहे संघर्ष पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

मोदी ने कहा कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्ष को सुलझाने का रास्ता है।

वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-चीन संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से विकसित किया जाना चाहिए। उनकी राय थी कि ‘मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए।’

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने भारत-चीन संबंधों में हालिया सुधार का स्वागत किया है।

मोदी ने कहा कि सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के निरंतर विकास का महत्वपूर्ण आधार है।

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