दार्जिलिंग के युवाओं का मोदी को खुला पत्र

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
07/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शुरुआती नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक बढ़त बनाए हुए है, ऐसे में दार्जिलिंग के एक युवा उमेश राई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सांसद राजू बिष्ट को एक भावनात्मक और शक्तिशाली ‘खुला पत्र’ लिखा है।

दार्जिलिंग से हमारे एक पाठक द्वारा भेजे गए पत्र में पहाड़ की राजनीतिक ईमानदारी और भविष्य की अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है।

पत्र का पूरा पाठ (बिल्कुल):

आदरणीय मोदीजी, अमित शाहजी और राजू बिस्ट भाई,

2009 में जब पूरे देश में कांग्रेस का दबदबा था तब दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल में भाजपा उम्मीदवार (जसवंत सिंह) को वोट देने वाला पहला स्थान था।

बंगाल में बीजेपी की जन्मस्थली दार्जिलिंग की पहाड़ियां हैं।
अब केंद्र में भाजपा सरकार है, राज्य (बंगाल) भी भाजपा सरकार बनने की कगार पर है और सभी पहाड़ी विधायक भाजपा के हैं। ऐसे में हमारी उम्मीदें भी बहुत ज्यादा हैं।

हमें पूरी उम्मीद है कि 2014 के बाद से हर चुनाव में बीजेपी ने जो वादे किए हैं, वे इस बार पूरे होंगे।

1) दार्जिलिंग क्षेत्र के लिए कम से कम एक अलग केंद्र शासित प्रदेश।

2) शेष 11-12 नेपाली गोरखा समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा।

हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी लंबे समय से लंबित गोरखा मांगें इस बार वास्तविकता बन जाएंगी।

बहुत आशा के साथ,
उमेश राई
दार्जिलिंग

​विश्लेषण: विश्वास की रस्सियों पर बीजेपी

उमेश राई का यह पत्र सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि दार्जिलिंग और डुआर्स क्षेत्र के पूरे गोरखाओं की भावनाओं को बयां करता है।

पहाड़ के जिन लोगों ने बंगाल में बीजेपी को जड़ से उखाड़ने में मदद की, वे अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि नतीजों की तलाश में हैं।

चुनाव जीतने के बाद अमित शाह का ”6 महीने के अंदर स्थायी समाधान” का वादा अब उमेश जैसे हजारों युवाओं के लिए ‘अग्नि परीक्षा’ जैसा होगा।

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