एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल, अवैध खनन और ओवरस्पीडिंग पर प्रशासन सख्त
गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में शुक्रवार को गोरखपुर जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी खनन और उसके सुरक्षित परिवहन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीआईजी गोरखपुर परिक्षेत्र, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, संभागीय परिवहन अधिकारी, रोडवेज अधिकारी, खनन अधिकारी समेत विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद में मिट्टी ढोने वाले डम्परों की ओवरस्पीडिंग और बिना ढके परिवहन के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में हुई भीषण सड़क दुर्घटना का जिक्र करते हुए एनएचएआई की लापरवाही को भी उजागर किया गया, जहां बिना पर्याप्त सूचना और साइनेज के एक लेन बंद कर दी गई थी, जिससे आमने-सामने टक्कर हो गई।
अवैध खनन पर भी गंभीर चिंता जताई गई। बताया गया कि कई ठेकेदार निर्धारित मात्रा से अधिक मिट्टी खनन कर रहे हैं और उसका एक हिस्सा निजी तौर पर बेच रहे हैं, जिससे न केवल राजस्व की हानि हो रही है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने खनन अधिकारी को निर्देश दिया कि वे खुद स्थलों का निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि तय सीमा से अधिक खनन न हो।
डीआईजी एस. चेनप्पा ने बताया कि कुछ स्थानों पर लोगों की अनुपस्थिति में उनकी जमीनों से अवैध रूप से मिट्टी खोदी जा रही है। ऐसे मामलों में सख्त जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें सीओ और एसडीएम की भी जिम्मेदारी तय की गई है।
बैठक में यह भी सामने आया कि टोल टैक्स से बचने के लिए डम्पर चालक गांव के अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मार्गों को चिन्हित कर एनएचएआई को मजबूत बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में यदि डम्पर से किसी की मृत्यु होती है तो केवल चालक ही नहीं, बल्कि वाहन मालिक और संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ भी कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही सभी डम्परों को मिट्टी ढककर ले जाना अनिवार्य किया गया है और विंडस्क्रीन पर खनन अनुज्ञा पत्र की प्रति चस्पा रखना जरूरी होगा।
रोडवेज बसों को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए गए कि बसें सड़क पर सवारी न भरें, बल्कि बस स्टैंड के भीतर ही खड़ी हों। उल्लंघन करने पर चालक और परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, गर्मी के मौसम में नदी में डूबने की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, थानाध्यक्ष और एनडीआरएफ के नंबर अंकित करने तथा गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि भविष्य में सरकारी कार्यों के लिए मिट्टी खनन का पट्टा निजी व्यक्तियों को न देकर सीधे कार्यदायी संस्थाओं को दिया जाए, जिससे अवैध खनन और मिट्टी की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।

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