भारत की हवाई सुरक्षा को मिल सकता है नया आयाम

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
14/07/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – रूस ने भारत को अपनी सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली एस-500 से जुड़ी प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त रूप से काम करने का प्रस्ताव दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सहयोग भारत के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट सुदर्शन चक्र’ को नई गति दे सकता है।

यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो भारत न केवल वायु रक्षा प्रणाली खरीदेगा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के विकास और निर्माण में भी भागीदार बनेगा।

‘प्रोजेक्ट सुदर्शन चक्र’ का उद्देश्य भारत के लिए एक एकीकृत, बहुस्तरीय वायु और मिसाइल रक्षा नेटवर्क बनाना है, जिसमें लंबी दूरी की मिसाइलें, आधुनिक रडार, सेंसर, कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा को एक ही नेटवर्क में जोड़ा जाएगा।

यह स्टील्थ फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल, हाइपरसोनिक हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे भविष्य के खतरों का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस परियोजना में स्वदेशी ‘प्रोजेक्ट कुशा’, पहले से तैनात एस-400 और भारत के बीएमडी (बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस) कार्यक्रम के साथ समन्वय करके देश की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की योजना है।

रूस से तकनीकी सहायता और संभावित प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के प्रस्ताव को भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के अनुरूप माना जा रहा है।

हालाँकि, दोनों देशों की सरकारों को इस प्रस्ताव पर तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर विस्तृत मूल्यांकन करना होगा।

अंतिम निर्णय होने तक इसे संभावित रक्षा सहायता के रूप में देखा जाना चाहिए।

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