तेजाब फेंकने और अपहरण के दोषी को हुआ 10 साल की कठोर सजा

 

 

गोरखपुर जनपद मे  अपहरण और तेजाब फेंकने के मामले में दोष सिद्ध होने पर गोरखपुर की अदालत ने अभियुक्त महफूज को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला वर्ष 2025 में थाना चिलुआताल में दर्ज किया गया था। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते अभियुक्त को सजा दिलाने में सफलता मिली।

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में इस मामले की न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की गई। थाना चिलुआताल के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने साक्ष्यों एवं अभियोजन पक्ष की कार्रवाई की नियमित निगरानी करते हुए मामले को मजबूती से प्रस्तुत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मामले में थाना चिलुआताल पर मु0अ0सं0 658/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 124(1) और 137(2) में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें महफूज पुत्र मोहम्मद जबीउल्ला निवासी ददरखावा, स्पोर्ट्स कॉलेज, थाना चिलुआताल को अभियुक्त बनाया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय एएसजे/यूपीएसईबी गोरखपुर ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

इस मामले में दोषसिद्धि कराने में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) रमेश चन्द्र पाण्डेय, रविन्द्र कुमार सिंह, श्रद्धानंद पाण्डेय और शरदेन्दु प्रताप नारायण सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।

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