भारत ने रचा नया इतिहास!


उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
15/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – डीआरडीओ द्वारा ओडिशा के तट पर परमाणु-सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) के कथित परीक्षण ने दुनिया का ध्यान भारत की बढ़ती रणनीतिक ताकत की ओर आकर्षित किया है।

हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मिसाइल ICBM श्रेणी की है, जो भारत को दुनिया की चुनिंदा महाशक्तियों में से एक बना सकती है।

अब तक केवल अमेरिका, रूस, चीन और उत्तर कोरिया के पास 12,000 किमी से अधिक रेंज वाली आईसीबीएम तकनीक है।

यदि भारत की अग्नि-6 जैसी लंबी दूरी की मिसाइल सफलतापूर्वक विकसित और तैनात हो जाती है, तो भारत की रणनीतिक पहुंच विश्व स्तर पर स्थापित हो जाएगी।

अग्नि-6 की संभावित ताकत:

=10,000+ किमी रेंज
= MIRV तकनीक
= कई परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता
= दुश्मन की मिसाइल रक्षा क्षमता को भेदने की क्षमता
= वैश्विक प्रहार क्षमता

डीआरडीओ प्रमुख समीर वी कामत ने हाल ही में संकेत दिया था कि अग्नि-6 के लिए सभी तकनीकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और सरकार की मंजूरी मिलते ही अगला कदम उठाया जाएगा।

इस बीच भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपने स्वदेशी ग्लाइड हथियार सिस्टम “TARA” का सफल परीक्षण किया है।

यह तकनीक साधारण अनगाइडेड बमों को स्मार्ट सटीक हथियारों में बदल सकती है, जिससे भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

वैश्विक मिसाइल परिदृश्य:

= रूस – आरएस-28 सरमत
= चीन – DF-41
=अमेरिका – मिनिटमैन III
= उत्तर कोरिया – ह्वासोंग सीरीज
= भारत – अग्नि-6 की ओर कदम

भारत अब सिर्फ एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं है, बल्कि वैश्विक रणनीतिक संतुलन में निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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