कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और विधायक राहुल लोधी के क्षेत्र में पेयजल,सफाई का आभाव

 

रायबरेली। एक तरफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रायबरेली में आकर महिला संवाद कार्यक्रम करके महिलाओं को कांग्रेस की विकास योजनाओं को बताया और उनके भाषण से ऐसा लग रहा था कि महिलाओं का उद्धार हो जाएगा। लेकिन उन्हें के संसदीय क्षेत्र के गुरबक्श गंज के रघुनाथपुर चंदौली ग्राम सभा के गांव राना का पुरवा में महिलाएं के शुद्ध पानी के लिए तरस रही है और इन महिलाओं को शर्मिंदगी तब उठानी पड़ती है । जब सरकारी नल घर के बाहर ही लगा हुआ है। लेकिन पानी भरने के लिए कोई सुविधा नहीं है। क्योंकि जिस नाली के पास यह नल लगा है उस नाली गांव वाले बताते हैं कि दिसंबर महीने से साफ नहीं की गई। जिससे की नाली में पानी भर पाना तो दूर बाल्टी रख पाना भी दूभर है।तेज गर्मी में लोग पानी को तरस रहे हैं और इसका कारण केवल एक बताया जाता है सफाई कर्मचारी जब भी आते हैं उन्हें गांव के रसूखदार लोगों के घर के दरवाजे साफ सफाई करने के लिए लगा दिया जाता है । जिसके कारण गांव के रसूखदार लोगों के घर तो चकाचक नजर आते हैं लेकिन गरीबों के घर के बाहर से बदबूदार और गंदा पानी बहता है। ग्रामीण लगातार इसकी शिकायत ग्राम प्रधान से दर्ज करवा रहे हैं लेकिन ग्राम प्रधान की भी बेतुकी बातें जनता को समझ में नहीं आ रही है। इनका कहना है कि कर्मचारी नहीं आते हैं क्षेत्र में साफ सफाई करने इसलिए नाली नाला की सफाई नहीं हो पा रही है । वही इसी नाली के भीतर लगा इंडिया मार्का हैंडपंप प्रधान के विकास की पोल खोल रहा है। क्योंकि नल लगवाते समय तो वर्तमान प्रधान ने अपने विकास का ढिंढोरा पूरा गांव में विकास का पीटा ही था । परंतु विकास की जगह इन गांव वालों को विनाश मिला। जहां पर नल तो शो पीस के तौर पर लगा हुआ है । लेकिन नल से पानी भर पाना ग्रामीणों के पहुंच से बाहर हो गया है। क्योंकि नल के चारों तरफ बदबूदार पानी का इतना अंबार लगा हुआ है कि साफ पानी निकल पाना कोयले की खान से हीरे को खोज पाने के बराबर होता है। लेकिन विकास की बात करने वाले इन नेताओं ,राजनेताओं को गर्मी के मौसम में पानी के लिए बेहाल लोग नहीं दिखाई देते हैं। यही नहीं एक तरफ स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर करोड़ों रुपए फूंक दिए गए। परंतु इस गाय में विकास के नाम पर केवल बयान बाजी और खाना पूर्ति की जा रही है। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान बराती लाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी हफ्ते में एक दिन आते हैं और काम करके चले जाते हैं। हर हफ्ते सफाई होती है । लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस नाली की सफाई दिसम्बर 2025 से नहीं हुई है तो अब किसकी बात सही मानी जाए। महिलाओं का कहना है जो सफाई की बात कह रहा है वो खुद आकर देख ले कि किस तरह का नरकीय जीवन यहां की महिलाएं जी रही है।

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