वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका और चीन की लड़ाई: ट्रम्प लाए अरबों डॉलर की नई योजना

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
06/01/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला के क्षतिग्रस्त तेल उद्योग को 18 महीने से कम समय में फिर से शुरू किया जा सकता है।

हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार की मदद से वहां तेल उत्पादन को मूल स्थिति में लौटाया जा सकता है ।

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है।

हालाँकि, लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण अब वहां तेल उत्पादन में काफी गिरावट आई है।

1999 में वेनेजुएला प्रतिदिन 35 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता था, लेकिन अब यह घटकर मात्र 11 लाख बैरल रह गया है।

ट्रम्प ने अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेजुएला में निवेश करने का आग्रह किया है, और उन्हें आश्वासन दिया है कि वे जो पैसा खर्च करेंगे वह बाद में सरकारी राजस्व या अन्य माध्यमों से वापस कर दिया जाएगा।

सुत्र के मुताबिक हालांकि ये काम उतना आसान नहीं है जितना लगता है. वेनेज़ुएला ने अतीत में चीन से अरबों डॉलर उधार लिए हैं।

समझौते के मुताबिक वेनेजुएला को सबसे पहले चीन को बेचे गए तेल का पैसा चुकाना होगा ।

अनुमान है कि चीन ने वेनेजुएला को 10 अरब डॉलर से अधिक का ऋण दिया है।

चीन के प्रभाव को कम करने के लिए ट्रंप ‘मोनरो डॉक्ट्रिन’ नाम की एक नई नीति अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि दक्षिण अमेरिका में अन्य देशों की तुलना में अमेरिका का प्रभाव अधिक होना चाहिए।

विशेषज्ञों के मुताबिक, तेल कंपनियां अभी भी वेनेजुएला में अरबों डॉलर का निवेश करने से झिझक रही हैं क्योंकि राजनीतिक स्थिति अभी भी अस्थिर है।

लेकिन ट्रंप भारी निवेश कर इस क्षेत्र को अपने नियंत्रण में रखना चाहते हैं ।

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