निपाह वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पश्चिमी सीमा पर निगरानी

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
03/02/2026

 काठमाण्डौ,नेपाल – दोधारा चांदनी (कंचनपुर जिला) पड़ोसी देश भारत में निपाह वायरस का पता चलने के बाद नेपाल में इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए भारत से जुड़ी पश्चिमी सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

सुदूर पश्चिम स्वास्थ्य निदेशालय के वेक्टर नियंत्रण निरीक्षक हेमराज जोशी ने बताया कि भारत से जुड़े सुदूर पश्चिम के पांच चौराहों पर नेपाल में प्रवेश करने वाले यात्रियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

उनके मुताबिक कैलाली जिला में गौरीफंटा और खकरौना, दार्चुला जिला में खलंगा, बैतड़ी जिला में झूलाघाट और कंचनपुर जिला में गद्दाचौकी नाका स्थित हेल्थ डेस्क से निगरानी की जा रही है।

जोशी ने कहा, ”नाका के सभी हेल्थ डेस्क पर सतर्कता अपनाई गई है.” – ”हेल्थ डेस्क पर काम करने वाले कर्मचारियों को निपाह वायरस के बारे में भी जानकारी दी गई है।”

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान बनाये गये आइसोलेशन वार्ड को भी तैयार रखा गया है।

चूंकि निपाह वायरस का संक्रमण भारत के पश्चिम बंगाल में देखा गया है, इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि इसका खतरा पश्चिमी नेपाल की तुलना में पूर्वी नेपाल की सीमा पर अधिक है।

जिला स्वास्थ्य कार्यालय के प्रमुख दीपेंद्र सिंह रावल ने कहा कि चेकपॉइंट पर स्थापित स्वास्थ्य डेस्क के माध्यम से उन यात्रियों पर नजर रखी जा रही है जिनमें संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं।

चीफ रावल ने कहा, “स्वास्थ्य डेस्क के कर्मचारी सीमा के जरिए नेपाल में प्रवेश करने वाले संदिग्ध और बुखार से पीड़ित लोगों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।”

चीफ रावल ने कहा कि महेंद्रनगर स्थित महाकाली प्रांतीय अस्पताल में इलाज की अव्यवस्था की व्यवस्था की गयी है।

उन्होंने कहा कि चूंकि निपाह वायरस चमगादड़ों, सूअरों और संक्रमित लोगों से फैलता है, इसलिए उन उपायों पर विशेष ध्यान देते हुए निवारक उपाय अपनाए गए हैं।

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