मनरेगा में पारदर्शिता पर सवाल: परतावल ब्लॉक की 33 पंचायतों में नियमों की अनदेखी, एक ही पाली की फोटो अपलोड

 

2,445 श्रमिकों की दर्ज हुई हाजिरी, अधिकांश कार्यस्थलों पर दोनों पालियों की फोटो नहीं; जांच के बाद कार्रवाई के संकेत

महराजगंज जनपद के विकास खंड परतावल में मनरेगा कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की उपस्थिति और कार्य की स्थिति दर्शाने वाली दोनों पालियों की फोटो अपलोड नहीं की जा रही है। इससे मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता और श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति पर संदेह गहरा गया है।
शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक मनरेगा कार्यस्थल पर प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों पालियों में श्रमिकों की उपस्थिति एवं कार्य की प्रगति की जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य फर्जी हाजिरी पर रोक लगाना और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकते हुए कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
जानकारी के अनुसार, 13 जून को परतावल ब्लॉक की 33 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत 2,445 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई। लेकिन अधिकांश पंचायतों में केवल एक पाली की ही फोटो पोर्टल पर अपलोड की गई। पूरे ब्लॉक में मात्र एक ग्राम पंचायत ऐसी मिली, जहां नियमानुसार दोनों पालियों की फोटो अपलोड की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दोनों पालियों की फोटो अपलोड नहीं हो रही है, तो यह जांच का विषय है कि कार्यस्थलों पर दर्ज संख्या के अनुसार श्रमिक वास्तव में मौजूद थे या नहीं। उनका आरोप है कि इस प्रकार की लापरवाही से फर्जी हाजिरी और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।

क्या बोले एपीओ
इस संबंध में परतावल ब्लॉक के एपीओ उत्कर्ष कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत दोनों पालियों की फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। यदि जांच में किसी ग्राम पंचायत में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों को सोमवार को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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