ईरान ने बदली अपनी सैन्य रणनीति- ‘रक्षा नहीं, पहले हमला’

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
24/06/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – ईरान ने अपनी सैन्य नीति में बड़े बदलाव की घोषणा की है।

ईरान रक्षात्मक रणनीति से ‘आक्रामक सिद्धांत’ यानी आक्रामक सैन्य नीति में बदल गया है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक, ईरानी सेना के वरिष्ठ कमांडर अहमद रजा पुर्दस्तान ने फ़ार्स समाचार एजेंसी से बात करते हुए यह जानकारी दी।

पुरादस्तान के मुताबिक, ईरान अब रक्षात्मक कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर पहले हमला भी कर सकता है।

उन्होंने कहा, ”अगर राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरत हो तो ईरान ऐसे मोर्चों पर भी कार्रवाई कर सकता है, जिसकी दुश्मन को भनक तक न हो।”

उनका यह बयान तब सार्वजनिक हुआ जब दावा किया गया कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले से ईरान की सैन्य शक्ति कमजोर हो रही है।

उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताओं का एक बड़ा हिस्सा अभी तक इस्तेमाल नहीं किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लेबनान की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

अल जज़ीरा ऑनलाइन के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के कार्यकाल के दौरान, ईरानी सेना ने ‘रणनीतिक धैर्य’ के सिद्धांत को अपनाया था।

विशेषज्ञ इस रणनीति को “सावधानीपूर्वक और योजनाबद्ध” संयम की नीति के रूप में वर्णित करते हैं, जो सीधे टकराव के बजाय निवारण पर केंद्रित है।

लेकिन अमेरिका और इजराइल से युद्ध के बाद ईरान ने ‘सक्रिय और अभूतपूर्व प्रतिरोध’ का सिद्धांत अपनाया।

बताया जा रहा है कि कुवैत, यूएई और बहरीन के साथ इजराइल पर भी हमले हुए हैं।

सर्वोच्च नेता अली खामेनेई 28 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर एक संयुक्त हमले में मारे गए थे।

हालांकि उनके बेटे को सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है, लेकिन उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।

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