गोरखपुर, 11 जुलाई 2026: स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) रेलविहार, राप्तीनगर, गोरखपुर के प्रांगण में आज एक ऐतिहासिक और गौरवशाली ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस समारोह में विद्यालय की पूर्व छात्रा बहन इशिता शर्मा को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 26वीं रैंक प्राप्त कर पूरे देश में गोरखपुर का मान बढ़ाने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में आदरणीय प्रधानाचार्य विनोद सिंह राठौर जी ने मुख्य अतिथि बहन इशिता शर्मा का भावपूर्ण परिचय कराया। इस अवसर पर विद्यालय के कोषाध्यक्ष अजय पाण्डेय जी भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान गरिमामयी परंपरा के अनुसार सम्मान सत्र का आयोजन हुआ। विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर जी ने बहन इशिता के पिता
दिनेश शर्मा जी को माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं, माता अर्चना शर्मा जी का सम्मान विद्यालय की उप प्रधानाचार्या रुक्मिणी उपाध्याय जी ने माल्यार्पण करके तथा
राजकुमार आचार्य ने ‘श्रीरामचरितमानस’ की प्रति भेंट कर किया। इसके पश्चात, उप प्रधानाचार्या रुक्मिणी उपाध्याय जी ने देश का गौरव बढ़ाने वाली बहन इशिता शर्मा को माल्यार्पण, शॉल और पवित्र ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ की प्रति भेंट कर उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया।
इस गौरवशाली अवसर पर विद्यालय के संगीताचार्य
अभिषेक उपाध्याय जी के कुशल निर्देशन और देख-रेख में भैया-बहनों ने “निर्माणों के पावन युग में हम चरित्र निर्माण न भूलें…”गीत की अत्यंत सुमुख्य, लयबद्ध और प्रेरणादायी प्रस्तुति दी, जिसने संपूर्ण सभागार को राष्ट्रभक्ति और वैचारिक ऊर्जा से भर दिया। इस भव्य कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य बंधु और भगिनी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने अपनी सहभागिता से समारोह को और अधिक जीवंत बनाया।
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य विनोद सिंह राठौर जी ने अत्यंत गर्व और भावुकता के साथ कहा, “आज का दिन हमारे सरस्वती शिशु मंदिर परिवार के लिए एक स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला ऐतिहासिक क्षण है। बहन इशिता शर्मा ने अपनी अभूतपूर्व सफलता से न केवल अपने माता-पिता और इस विद्यालय का, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का नाम संपूर्ण देश में रोशन किया है।
बहन इशिता की यह उपलब्धि इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि हमारे इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के शिखर पर पहुँचा जा सकता है। हमारे विद्यालय से संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त कर आज वे देश सेवा के एक सर्वोच्च मार्ग पर अग्रसर हो रही हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि वे एक अत्यंत ईमानदार, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य करेंगी और हमारे विद्यालय के मूल्यों को सदैव जीवित रखेंगी।”
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए आईएएस (IAS) अधिकारी बहन इशिता शर्मा ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी भैया-बहनों के सामने रखी। उन्होंने प्रेरक अंदाज में कहा, “असफलता के मौसम में ही सफलता का बीज बोया जाता है।” अपनी यात्रा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी; अपने तीसरे प्रयास (3rd Attempt) में वे इंटरव्यू तक पहुँचीं और अंततः चौथे प्रयास (4th Attempt) में देश भर में 26वीं रैंक हासिल की।
उन्होंने ‘चाइनीज बैम्बू’ (चीनी बांस) का बेहद सटीक उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे बांस का पेड़ शुरुआत में कई सालों तक अपनी जड़ें जमीन के अंदर मजबूत करता है और फिर अचानक तेजी से बढ़ता है, ठीक वैसे ही विद्यार्थियों को भी अपनी नींव और बुनियादी ज्ञान को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने समय के अनुशासित प्रयोग पर बल दिया और ‘दशरथ मांझी’ की कहानी सुनाकर भैया-बहनों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो, तब तक रुकना नहीं है।
श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए इशिता ने कहा कि हमें सदैव कठिन परिश्रम और कर्म की प्रधानता पर ध्यान देना चाहिए, फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देते हुए कहा कि वे रोज सुबह अपनी ‘To-Do List’ (दिनभर के कार्यों की सूची) बनाएं। इसके बाद उन्होंने भैया-बहनों से सीधी बातचीत की और बताया कि भटकाव (डिस्ट्रैक्शन) से बचने के लिए सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाना आवश्यक है। खुद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “मैं खुद कॉमर्स (Commerce) से ग्रेजुएट हूँ और मैंने यूपीएससी में ‘अकाउंटेंसी’ को अपना वैकल्पिक (Optional) विषय चुना था। सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।”
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. चंद्रशेखर जी ने लोक कहावत का संदर्भ देते हुए कहा, “खरबूजा खरबूजे को देख के रंग बदलता है।” उन्होंने भैया-बहनों को समझाते हुए कहा कि आज आपके ही विद्यालय की बड़ी दीदी ने देश की सबसे कठिन परीक्षा में परचम लहराया है। उनसे बड़ी प्रेरणा आपके लिए कोई और नहीं हो सकती। जैसे वे इसी प्रांगण से पढ़कर आज इस मुकाम पर पहुँची हैं, ठीक वैसे ही आप सभी को भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन का एक बड़ा लक्ष्य तय करना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए जी-जान से जुट जाना चाहिए।
इस विशेष उत्सव पर पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत मुख्य अतिथि बहन इशिता शर्मा, उनके माता-पिता और मंच पर उपस्थित सभी सम्मानित अतिथिगणों ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण (पौधरोपण) किया और प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया। औषधि गुणों से युक्त 21 पौधों का रोपण विद्यालय परिसर में किया गया ।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यालय की उप प्रधानाचार्या रुक्मिणी उपाध्याय जी ने मुख्य अतिथि बहन इशिता शर्मा, उनके माता-पिता, प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और उपस्थित सभी भैया-बहनों व आचार्यों का हृदय से आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इशिता की यह ऐतिहासिक सफलता विद्यालय के अन्य छात्रों के लिए हमेशा मील का पत्थर साबित होगी। अंत में, संपूर्ण परिसर की सुख-समृद्धि की कामना के साथ पवित्र ‘कल्याण मंत्र’ के सामूहिक गान के साथ इस गरिमामयी समारोह का सफल समापन हुआ।
इस विशेष अवसर पर विद्यालय की परंपरा के अनुरूप सुप्रसिद्ध ‘विचार लेखन’ का महत्वपूर्ण कार्य रवि प्रताप सिंह जी द्वारा संपन्न किया गया। इस आशय की सूचना विद्यालय के मीडिया प्रभारी आचार्य प्रेम सागर त्रिपाठी ने दिया।

Yogendra Pandey is a dedicated journalist and the key author at Crime News National, a platform committed to delivering accurate, timely, and unbiased crime-related news from across India. With a strong passion for investigative reporting, he focuses on presenting facts responsibly and raising awareness about issues that impact public safety and justice.
Over the years, Yogendra has built a reputation for his clear reporting style, ethical journalism, and commitment to truth. His work highlights real incidents, law-and-order developments, and important updates involving crime, policing, and public awareness.
At Crime News National, he aims to provide readers with trustworthy information supported by verified sources, ensuring transparency and credibility in every story he reports.
Yogendra believes that informed citizens build a safer society, and through his writing, he strives to bring awareness, promote justice, and give a voice to real issues from the ground.
