“कारगिल के अमर बलिदानियों का शौर्य भारत की अमर धरोहर, मातृभूमि की रक्षा से बढ़कर कोई धर्म नहीं” — विनोद सिंह राठौर (प्रधानाचार्य)
गोरखपुर, 26 जुलाई 2026 स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) रेलविहार, राप्तीनगर, गोरखपुर के पावन प्रांगण में आज ‘कारगिल विजय दिवस’ के अवसर पर एक अत्यंत गरिमामयी और राष्ट्रभक्तिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वंदना सभा में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यों और सैकड़ों भैया-बहनों ने कारगिल युद्ध के अमर बलिदानियों और भारतीय सेना के अदम्य साहस को नमन करते हुए भारत माता के जयकारों से संपूर्ण परिसर को गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता आचार्या दीपिका मिश्रा जी ने विद्यार्थियों को कारगिल विजय दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराते हुए अपना सारगर्भित विचार रखा।
उन्होंने कहा, “26 जुलाई 1999 का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। ‘ऑपरेशन विजय’ के दौरान 18,000 फीट की कठिन और बर्फीली ऊंचाइयों पर माइनस तापमान में भी हमारे वीर जवानों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर तिरंगा फहराया था। कैप्टन विक्रम बत्रा, मनोज कुमार पांडे जैसे अमर बलिदानियों का त्याग हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र की सीमाएँ केवल नक्शे की रेखाएँ नहीं, बल्कि हमारे वीरों के रक्त से सींची गई पावन भूमि हैं। हमें उन शहीदों के बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए।”
कार्यक्रम के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य विनोद सिंह राठौर जी ने अत्यंत प्रभावशाली, ओजस्वी और प्रेरणादायी उद्बोधन दिया, जिसने संपूर्ण सभागार में देशभक्ति का तीव्र संचार कर दिया।
प्रधानाचार्य जी ने कहा, “कारगिल विजय दिवस केवल सेना की जीत का उत्सव नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के दृढ़ विश्वास, स्वाभिमान और अदम्य इच्छाशक्ति का विजय पर्व है। आज से 27 वर्ष पूर्व ट्रांस और कारगिल की दुर्गम चोटियों पर हमारे जवानों ने जिस अद्भुत पराक्रम का परिचय दिया, उसने संपूर्ण विश्व में भारतीय सेना के लोहे को मनवाया। विपरीत परिस्थितियों और ऊंचे पहाड़ों पर बैठे दुश्मन के सामने भी हमारे वीरों के कदम डगमगाए नहीं, क्योंकि उनके सीने में भारत माता की रक्षा का अखंड संकल्प जल रहा था।”
प्रधानाचार्य जी ने विद्यार्थियों में कर्तव्यबोध जगाते हुए आगे कहा, “वीरों का बलिदान हमसे यह प्रश्न करता है कि हम अपने देश के लिए क्या कर रहे हैं? सीमा पर तैनात सैनिक यदि अपने प्राणों की बाजी लगाकर देश की रक्षा करते हैं, तो नागरिक के रूप में हमारा भी यह कर्तव्य है कि हम अपने आचरण, राष्ट्रनिष्ठा और कठिन परिश्रम से भारत को सशक्त बनाएं। अनुशासन, चरित्र निर्माण और देशप्रेम ही अमर शहीदों को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आइए, आज हम यह संकल्प लें कि हम सदैव अपने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और मातृभूमि की प्रगति के लिए समर्पित रहेंगे।”
इसी क्रम में विद्यालय की आदरणीया उप प्रधानाचार्या श्रीमती रुक्मिणी उपाध्याय जी ने भी उपस्थित भैया-बहनों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा, “कारगिल विजय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि स्वतंत्रता सहज ही नहीं मिलती, इसके लिए भारी मूल्य चुकाना पड़ता है। हमारे वीरों ने अपने ‘आज’ का बलिदान इसलिए दिया ताकि हमारा ‘कल’ सुरक्षित और खुशहाल रह सके। विद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक भैया-बहन का यह दायित्व है कि वे अपनी पढ़ाई, अनुशासन और चरित्र के माध्यम से राष्ट्र सेवा का संकल्प लें। जब हमारे मन में देश के प्रति समर्पण का भाव होगा, तभी हम एक सशक्त और समर्थ भारत का निर्माण कर सकेंगे।”
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी सम्मानित वक्ताओं और आचार्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन मीडिया प्रभारी द्वारा किया गया। अंत में, अमर शहीदों की स्मृति में मौन धारण करने के पश्चात इस ऐतिहासिक ‘कारगिल विजय दिवस’ समारोह का सफल समापन हुआ।

Yogendra Pandey is a dedicated journalist and the key author at Crime News National, a platform committed to delivering accurate, timely, and unbiased crime-related news from across India. With a strong passion for investigative reporting, he focuses on presenting facts responsibly and raising awareness about issues that impact public safety and justice.
Over the years, Yogendra has built a reputation for his clear reporting style, ethical journalism, and commitment to truth. His work highlights real incidents, law-and-order developments, and important updates involving crime, policing, and public awareness.
At Crime News National, he aims to provide readers with trustworthy information supported by verified sources, ensuring transparency and credibility in every story he reports.
Yogendra believes that informed citizens build a safer society, and through his writing, he strives to bring awareness, promote justice, and give a voice to real issues from the ground.
