नेपाली ज़मीन पर भारतीय सुरक्षाकर्मियों की क्रूरता: वर्दी और हथियारों के साथ बार-बार एंट्री, राज्य संयन्त्र चुप

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
21/12/2025

काठमाण्डौ,नेपाल — नेपाल-भारत बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षाकर्मियों की क्रूरता बहुत बढ़ गई है। वे वर्दी और हथियारों के साथ नेपाली ज़मीन पर घुस रहे हैं।

दिसम्बर महीने के अंदर, सोशल मीडिया पर दो बार भारतीय सुरक्षाकर्मियों के नेपाल में घुसने के वीडियो पब्लिक हो चुके हैं।

परसा जिला के धोबिनी से लेकर सप्तरी जिला के तिलाठी तक की अलग-अलग घटनाओं ने न सिर्फ भारतीय पुलिस की लापरवाही दिखाई है, बल्कि बॉर्डर सुरक्षा और सरकारी संयन्त्र की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को, भारतीय सुरक्षाकर्मी परसा जिला के धोबिनी ग्रामीण नगर पालिका में नेपाल में घुस आए।

ग्रामीण नगर पालिका चेयरमैन मदन प्रसाद चौहान के मुताबिक, भारतीय पुलिस की गाड़ी में आए सुरक्षाकर्मी बॉर्डर पुलिस पोस्ट के तहत वार्ड नंबर 5 इलाके में घुसे थे। फिर उन्हें स्थानीय लोगों ने रोक लिया।

चेयरमैन चौहान के मुताबिक, ऐसा लग रहा था कि वे किसी को गिरफ्तार करने आए थे।

चौहान ने कहा, ‘क्योंकि मैं बाहर था, मुझे बाद में पता चला कि नेपाल पुलिस ने यह मामला सुलझा लिया है।’ लोकल लोगों के जारी किए गए वीडियो में, इंडियन सिक्योरिटी वालों से यह पूछते हुए साफ़ सुना जा सकता है, ‘तुम नेपाल में क्या कर रहे हो?’

हालांकि, परसा जिला के CDO भोला दहाल ने दावा किया कि उन्हें यूनिफॉर्म में इंडियन सिक्योरिटी वालों के आने की कोई जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘मैंने सुना था कि वे सादे कपड़ों में आए थे, और कोऑर्डिनेशन के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।’

इससे पहले, इंडियन बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (SSB) के जवान सप्तरी जिला के तिलाठी कोइलाडी रूरल म्युनिसिपैलिटी में यूनिफॉर्म और हथियारों के साथ पेट्रोलिंग करते दिखे।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में, SSB असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) त्सेरिंग नोरबो की लीडरशिप में पांच लोगों की एक टीम राजबिराज कस्टम ऑफिस के सामने मेन रोड पर दिखी।

वीडियो के मुताबिक, ASI नोरबो के पास बंदूक थी, जबकि चार दूसरे सिक्योरिटी वाले लाठी लिए हुए थे। लोकेशन से करीब 500 मीटर पूरब में एक नेपाल एंट्री चेकपॉइंट है, पश्चिम में करीब 300 मीटर पर एक बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) तिलाठी है, और उसी इलाके में जांच के लिए आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस की जॉइंट टीम तैनात की गई है।

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों को दिन में हथियारों के साथ नेपाल में घुसने वाले भारतीय सुरक्षाकर्मियों के बारे में पता नहीं था।

BOP तिलाठी के आर्म्ड पुलिस इंस्पेक्टर जस बहादुर राई ने दावा किया कि भारतीय सुरक्षाकर्मी भारत की तरफ दसगजा से गुजर रहे थे और नदी पार करने के लिए नेपाल की तरफ बने पुल का इस्तेमाल किया।

उन्होंने बताया, “कानून के मुताबिक, हथियार लेकर नेपाली ज़मीन में घुसने की इजाज़त नहीं है, लेकिन असल में वे पुल का इस्तेमाल करके लौटे।”

हालांकि, उन्होंने खुद माना कि हथियार लेकर नेपाल में घुसते समय उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी।

सप्तरी जिला के CDO तुबराज पोखरेल ने जवाब दिया कि वह इस मामले पर पुलिस से बात करेंगे।

पहले भी नेपाल-भारत बॉर्डर इलाके में भारतीय सुरक्षाकर्मियों के वर्दी और हथियारों के साथ नेपाल में घुसने और अपना मकसद पूरा करने के बाद लौटने का ट्रेंड रहा है।

परसा जिला और सप्तरी जिला में हाल की इन घटनाओं ने बॉर्डर की आज़ादी, सिक्योरिटी सिस्टम की सतर्कता और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि क्या बॉर्डर पर बार-बार होने वाली ऐसी गतिविधियों को ‘कोऑर्डिनेशन’ के नाम पर हल्के में लिया जाना चाहिए या डिप्लोमैटिक और कानूनी लेवल पर कोई मज़बूत हल निकाला जाना चाहिए।

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