डीएम दीपक मीणा की अध्यक्षता में डीएलआरसी/डीसीसी बैठक संपन्न

 

बैंकर्स को लक्ष्य पूर्ति, ऋण वितरण व योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

गोरखपुर। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला सलाहकार समिति (DCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने बैंकर्स को सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान बैंकर्स नोडल अधिकारी मनोज श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (MYUV) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्य 2700 के सापेक्ष 31 मार्च 2026 तक 2375 ऋण स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई, जो लगभग 88 प्रतिशत उपलब्धि है। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1015 आवेदन बैंक शाखाओं को भेजे गए हैं, जिनमें से 201 आवेदन स्वीकृत और 128 का वितरण किया जा चुका है। डीएम ने इस योजना में लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करते हुए युवाओं को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत भी प्रगति की समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 271 इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष 460 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें से 183 स्वीकृत हुए। योजना के अंतर्गत लगभग 598.58 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया, जो लक्ष्य के सापेक्ष 113.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। डीएम ने कहा कि यह संतोषजनक है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
वहीं “एक जनपद एक उत्पाद” (ODOP) योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 47 इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष 113 आवेदन बैंक शाखाओं को भेजे गए। इनमें 42 आवेदन स्वीकृत हुए और कुल 155.33 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि ODOP के अंतर्गत चयनित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बैंक और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें, ऋण वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाएं और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बैंक शाखाएं आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की बात कही, जिससे जनपद में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

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