सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों पर राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज की, 9 लाख एरियर भुगतान का रास्ता साफ

महराजगंज

परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सरकार द्वारा 9 मार्च 2026 को दाखिल पुनर्विचार याचिका को 24 जुलाई को चेम्बर सुनवाई में खारिज कर दिया।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि 4 फरवरी 2026 के आदेश में कोई बदलाव नहीं होगा और सरकार को उसका पूर्ण पालन करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि 10 वर्ष से अधिक समय से सेवा कर रहे अनुदेशकों को स्थाई माना जाए और उन्हें स्थाई शिक्षकों जैसी सभी सुविधाएं दी जाएं।
कोर्ट ने अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करते हुए 1 अप्रैल 2026 से भुगतान का आदेश दिया था। साथ ही 2017 से देय करीब 9 लाख रुपये का एरियर 6 महीने के अंदर देने को भी कहा था।
सरकार ने 17 हजार मानदेय देना शुरू कर दिया, लेकिन एरियर देने से केंद्र से फंड न मिलने का हवाला देकर इंकार कर दिया था। इसी को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी।
महराजगंज के 300 अनुदेशकों को राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब एरियर भुगतान का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। जनपद महराजगंज के करीब 300 अनुदेशक अब सरकार से जल्द एरियर भुगतान की उम्मीद कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *