मानवाधिकार आयोग के निर्देश- गैस की कृत्रिम कमी मिले तो कार्रवाई करें

निगम से लेकर डिपो तक कमीशन की निगरानी

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
13/03/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने रसोई गैस समेत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

आयोग के सह-प्रवक्ता और उप सचिव श्यामबाबू काफले ने एक बयान जारी कर कहा कि मध्य पूर्व की स्थिति के बीच, काठमाण्डौ घाटी में एलपीजी गैस की कमी हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं में चिंता और घबराहट पैदा हो गई है।

इसी संदर्भ में आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आयोग ने नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन, वाणिज्य विभाग, नेपाल फूड सिस्टम कंपनी लिमिटेड समेत गैस बेचने और वितरित करने वाले डिपो की भी निगरानी और निरीक्षण किया है।

आयोग के अनुसार, निगरानी के दौरान आपूर्ति में कुछ कमी है, लेकिन जब विभिन्न मीडिया में यह संदेश दिया गया कि गैस की समग्र आपूर्ति प्रबंधन में समस्या है, तो उपभोक्ताओं में जरूरत से ज्यादा भंडारण करने की प्रवृत्ति बढ़ गई है।

आयोग के मुताबिक यह तथ्य भी प्राप्त हुआ है कि कुछ कारोबारी कमी पैदा कर रहे हैं।

आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “उल्लिखित तथ्यों से यह पाया गया है कि नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 44, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2075, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर समझौता, 1966, जिसमें नेपाल एक पक्ष है, ने उपभोक्ताओं को प्रदान किए गए अधिकारों के अभ्यास में असुविधा पैदा की है।”

आयोग ने कहा, “उल्लेखित तथ्यों से यह पाया गया है कि नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 44, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2075, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर समझौता, 1966, जिसमें नेपाल एक पक्ष है, ने उपभोक्ताओं को प्रदान किए गए अधिकारों के अभ्यास में असुविधा पैदा की है।”

इसके अलावा, आयोग ने सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण को सुविधाजनक बनाने के लिए सभी उपाय अपनाने, कृत्रिम कमी पाए जाने पर इसे कानूनी दायरे में लाने, अनावश्यक भंडारण की प्रवृत्ति को विनियमित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की अविलंब व्यवस्था कर उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने का निर्देश दिया है।

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