महराजगंज विद्युत विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर शासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग

 

आल इंडिया ह्यूमन राइट्स आर्गनाइजेशन ने मुख्यमंत्री सहित ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजा शिकायत पत्र

गोरखपुर।आल इंडिया ह्यूमन राइट्स आर्गनाइजेशन ने विद्युत वितरण मंडल महराजगंज में तैनात अधीक्षण अभियन्ता श्री यशपाल सिंह के कार्यकाल से संबंधित विभिन्न वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश शासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

संगठन द्वारा दिनांक 22/06/2026 को माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग लखनऊ, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड लखनऊ, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी एवं मुख्य अभियंता विद्युत वितरण क्षेत्र द्वितीय गोरखपुर को स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत प्रेषित की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधीक्षण अभियन्ता के कार्यकाल अक्टूबर 2022 से अब तक विभागीय कार्यों, संविदाकर्मियों की व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया, निविदाओं, स्थानांतरण एवं अन्य प्रशासनिक मामलों में कई गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।

संगठन ने शिकायत में संविदाकर्मियों के भुगतान, ऑनलाइन उपस्थिति एवं कार्यस्थल परिवर्तन, संविदा व्यवस्था, निविदा कार्यों के निष्पादन, विभागीय संसाधनों के उपयोग, वाहन व्यवस्था, बिल सुधार प्रक्रिया एवं अन्य विभागीय कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता संगठन का कहना है कि सरकारी धन एवं विभागीय व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित अवधि के सभी वित्तीय भुगतान, संविदा अभिलेख, कार्यादेश, माप पुस्तिकाएं, डिजिटल उपस्थिति रिकॉर्ड, स्थानांतरण आदेश एवं अन्य दस्तावेजों का विशेष ऑडिट कराया जाना आवश्यक है।

आल इंडिया ह्यूमन राइट्स आर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नेलाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठन ने मांग की है कि जांच प्रभावित न हो इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएं तथा जांच सतर्कता विभाग अथवा स्वतंत्र उच्च स्तरीय समिति से कराई जाए।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य, दस्तावेज एवं बयान जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

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